चोरी के जेवरात और नकदी समेत आरोपी गिरफ्तार:सिद्धार्थनगर में पुलिस ने चोरों को भेजा जेल, बाइक बरामद


सिद्धार्थनगर में 28-29 जुलाई की रात हुई चोरी का पुलिस ने 13 दिन बाद खुलासा कर दिया। पुलिस ने मंगलवार को ग्राम दसिया स्थित समय माता मंदिर के पास घेराबंदी कर आरोपी अतीक अहमद को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से चोरी के जेवर, एंड्रॉयड मोबाइल, 1,220 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल यामाहा मोटरसाइकिल बरामद की गई। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मामला मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के निहलवा गांव का है। पुलिस के मुताबिक, 28 और 29 जुलाई की दरम्यानी रात निहलवा गांव स्थित एक घर में चोरी हुई थी। चोर देर रात घर में घुसे और कीमती जेवर, मोबाइल फोन व नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह परिवार के लोग जागे तो घर का सामान बिखरा मिला और अलमारी से कीमती सामान गायब था। सूचना पर मिश्रौलिया पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की थी। घटना के खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार श्रीवास्तव ने पुलिस टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की और मुखबिरों को सक्रिय किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों पर भी नजर रखी गई। कई दिनों की जांच के बाद पुलिस को आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने 11 अगस्त को ग्राम दसिया स्थित समय माता मंदिर के पास घेराबंदी कर अतीक अहमद पुत्र असगर अली निवासी गोपीजोत, थाना मोहाना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी का सामान बरामद किया। जेवर, मोबाइल और नकदी बरामद पुलिस के अनुसार बरामद सामान में पीली धातु के कान के आभूषण की एक जोड़ी, सफेद धातु की हाथ पलानी की एक जोड़ी, एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 1,220 रुपये नकद और यामाहा कंपनी की मोटरसाइकिल शामिल है। पुलिस का दावा है कि बरामद सामान निहलवा गांव में हुई चोरी से संबंधित है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है। इसके अलावा यह पता लगाया जा रहा है कि चोरी की इस वारदात में आरोपी अकेला था या उसके अन्य साथी भी शामिल थे। जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में चेतिया चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक मृत्युंजय मिश्र, उपनिरीक्षक कपिल मुनि यादव, उपनिरीक्षक सुभाष यादव, हेड कांस्टेबल प्रकाश सिंह और कांस्टेबल वीरेंद्र यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जिले में चोरी और संपत्ति संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

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