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विश्व आदिवासी दिवस पर रविवार को ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। संगठन ने दारुलशफा से जीपीओ तक शांतिपूर्ण जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।कार्यकर्ताओं ने जीपीओ पहुंचकर डॉ. भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। इसके बाद राज्यपाल के नाम जिलाधिकारी लखनऊ को 11 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन की प्रमुख मांग गोंड (धुरिया) जाति को पूरे उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की रही। पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के 17 जिलों में गोंड (धुरिया) को ST की मान्यता है, जबकि अन्य जिलों में अलग स्थिति है।इसे पूरे प्रदेश में एक समान लागू किया जाए। बैकलॉग पदों पर भर्ती की मांग संगठन ने सरकारी विभागों में ST कोटे के खाली पड़े बैकलॉग पदों को तत्काल भरने की मांग की।साथ ही आरक्षित पदों पर केवल ST वर्ग के अभ्यर्थियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की बात कही।छात्रों के लिए हाईस्कूल से लेकर उच्च शिक्षा,मेडिकल, इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक और ITI तक छात्रवृत्ति और फीस प्रतिपूर्ति समय से देने की मांग भी उठाई गई। हर जिले में आदिवासी छात्रावास ज्ञापन में प्रदेश के प्रत्येक जिले में आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए अलग छात्रावास बनाने की मांग की गई।इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में स्वतंत्र अनुसूचित जनजाति आयोग के गठन की मांग भी रखी गई। संगठन ने भूमिहीन गोंड (धुरिया) परिवारों को आवास के लिए 3-3 डिसमिल सरकारी पट्टा और खेती के लिए कृषि पट्टा देने की मांग की।बेघर परिवारों को सरकारी आवास उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। शहीदों की याद में बने स्मारक ज्ञापन में आदिवासी गोंड (धुरिया) समुदाय के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृति में राज्य और जिला स्तर पर संग्रहालय व स्मृति भवन बनाने की मांग की गई। साथ ही गोंडऊ नाच और बाजा हुरुका जैसी पारंपरिक कला और संस्कृति को संरक्षण देने की मांग उठाई गई।संगठन ने गोंड समुदाय के लोगों पर हमला या उत्पीड़न करने वालों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत तत्काल एफआईआर और सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व ऑल गोंडवाना स्टूडेंट्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शैलेश कुमार गोंड और संरक्षक अरविंद गोंडवाना ने किया।
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विश्व आदिवासी दिवस पर कार्यकर्ता का प्रदर्शन:लखनऊ में गोंड जाति को ST दर्जा देने की मांग