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सीतापुर में रविवार दोपहर जमीन विवाद में महिला के घर पर 20 से 25 राउंड फायरिंग की गई। महिला का आरोप है करीब 24-25 हथियारबंद लोग आए और ताबड़तोड़ गोली चलाने लगे। मुझे बाहर खींचकर हत्या की धमकी दी। महिला ने आईपीएस के पिता पर गोली चलवाने का आरोप लगाया है। कहा- मेरी जमीन कब्जा करना चाहते हैं। वहीं NH-30 किनारे हुई फायरिंग से गाजीपुर बाजार में दहशत फैल गई। पुलिस ने मौके से खोखे बरामद किए हैं। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मामला महोली कोतवाली क्षेत्र के अढ़ौरी बाईपास मोड़ के पास का है।
2018 में जमीन का बैनामा कराने का दावा अढ़ौरी बाईपास निवासी मुनीश की पत्नी शोभना शुक्ला के मुताबिक, वह मूल रूप से देवरिया गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने साल 2018 में अढ़ौरी बाईपास पर 19 बिसुआ जमीन का बैनामा कराया था। जमीन के एक हिस्से पर मकान बनाकर वह परिवार के साथ रह रही हैं। वहीं बाकी जमीन पर उनका ही कब्जा है। दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर विवाद शोभना ने बताया- कैमहरा गांव निवासी मयंक बाजपेई IPS अफसर हैं। वह झारखंड में ट्रेनी आईपीएस के रूप में तैनात हैं। इसी जमीन को लेकर आईपीएस मयंक के पिता विपिन बाजपेई ने 2022 में बैनामा कराया था। इसके बाद से दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। शोभना के अनुसार, करीब 2 महीने पहले महोली तहसील में जमीन को लेकर फैसला उनके पक्ष में आया था। इसके बावजूद दूसरे पक्ष के लोग जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। डीसीएम से पहुंचे लोगों पर फायरिंग का आरोप शोभना के अनुसार, रविवार दोपहर 2 बजे डीसीएम में सवार होकर करीब 24-25 लोग असलहों के साथ उनके घर पहुंचे। घर के बाहर पहुंचते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। घटना के समय शोभना घर पर अकेली थीं। उनके पति और बच्चे देवरिया गांव गए हुए थे। पुलिस ने मौके से खोखे बरामद किए फायरिंग की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से खोखे बरामद किए और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। घटना के बाद आसपास के लोगों में भी दहशत का माहौल रहा। केस दर्ज कर जांच करेंगे इंस्पेक्टर जेबी पांडेय ने बताया- महिला ने लिखित शिकायत दी है। केस दर्ज किया जाएगा। मौके से पुलिस को खाली खोखे मिले हैं। फायरिंग समेत सभी आरोपों की जांच कर रहे हैं। उसी आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। ——————————- ये खबर भी पढ़िए… अतीक के बेटे क्या कभी जेल से बाहर आ पाएंगे:इंग्लिश स्कूल में पढ़े, फिर रंगदारी-फिरौती वसूलकर जेल गए; शाइस्ता-जिंदा बेटों का अब क्या होगा
माफिया अतीक जब जिंदा था, बेटे असद को अपना उत्तराधिकारी कहता था। प्रयागराज के लोग असद को ‘सांसदजी’ कहने लगे। वो पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। छोटे बेटे अबान को अतीक सबसे ज्यादा प्यार करता था। कुछ महीने पहले अबान ने सोशल मीडिया पर रील पोस्ट की थी। इसमें वो कह रहा था- ‘हम कुत्तों की तरह पीछे से वार नहीं करते।’ 6 अगस्त को अबान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
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महिला के घर पर 25 राउंड फायरिंग, बाहर खींचकर धमकाया:बोली- IPS के पिता ने हमला करवाया, मेरी जमीन कब्जा करना चाहते हैं