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संभल में कैलादेवी थाना क्षेत्र के फरीदपुर कला गांव में शनिवार दोपहर 2 बजे प्रशासन ने करीब 14 बीघा शत्रु संपत्ति को अवैध कब्जे से मुक्त कराया। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में शुरू हुई कार्रवाई करीब साढ़े 4 घंटे चली। राजस्व टीम ने जमीन की पैमाइश और चिन्हांकन के बाद उसे कब्जामुक्त कर प्रशासन के कब्जे में ले लिया। राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नाम, मौके पर दूसरे व्यक्ति का कब्जा एसडीएम संभल विकास चंद्र के मुताबिक, गाटा संख्या 145 पर करीब 14 बीघा भूमि राजस्व रिकॉर्ड में सिफ्ते अली के नाम दर्ज है। हालांकि, मौके पर मुसर्रत नामक व्यक्ति इस जमीन पर खेती करता मिला। जांच के दौरान मुसर्रत के पास जमीन से संबंधित कोई वैध अभिलेख नहीं मिले। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में चला अभियान जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम मौके पर पहुंची। टीम ने जमीन की पैमाइश कर सीमांकन किया और इसके बाद भूमि को कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान प्रभारी कानूनगो मसूद आलम, लेखपाल जयवीर सिंह और गौरव पाल समेत कैलादेवी थाना पुलिस मौजूद रही। कब्जाधारक को जमीन कैसे मिली, होगी जांच प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि मुसर्रत को यह जमीन किस आधार पर मिली। अधिकारियों के अनुसार, मौके पर कब्जा करने वाले व्यक्ति का सिफ्ते अली के परिवार से कोई संबंध नहीं मिला है। यह भी जांच की जा रही है कि जमीन उसे पट्टे पर मिली थी या किसी अन्य माध्यम से उस तक पहुंची। शासन को भेजी जाएगी रिपोर्ट एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि जमीन को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। पूरे मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजी जाएगी। शासन स्तर से प्राप्त निर्देशों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्या होती है शत्रु संपत्ति प्रशासन के अनुसार, भारत-पाकिस्तान या भारत-चीन युद्ध के दौरान जो लोग भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गए थे, उनके द्वारा भारत में छोड़ी गई कुछ अचल संपत्तियों को शत्रु संपत्ति के रूप में दर्ज किया गया है। ऐसी संपत्तियां भारत सरकार के अधीन होती हैं और कस्टोडियन इनके संरक्षक होते हैं। खतौनी में दर्ज व्यक्ति या वारिस का कब्जा नहीं मिला अधिकारियों के अनुसार, संबंधित जमीन की खतौनी में सिफ्ते हसन का नाम दर्ज है। मौके पर न तो सिफ्ते हसन का कब्जा मिला और न ही उनके वारिसों का। वहीं, जमीन पर खेती कर रहे मुसर्रत के पास भी कोई वैध दस्तावेज नहीं था। प्रशासन अब जमीन के कब्जे और उसके हस्तांतरण से जुड़े पूरे रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
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संभल में 14 बीघा शत्रु संपत्ति कब्जामुक्त:साढ़े 4 घंटे चला अभियान; बिना दस्तावेज जमीन पर खेती हो रही थी