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दक्षिणी उत्तर प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दो से तीन दिनों तक यहां बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होती दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश से सटे उत्तर प्रदेश के दक्षिणी जिलों में मानसूनी सिस्टम अभी प्रभावी है, जिसके कारण इन क्षेत्रों में अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। हालांकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, लेकिन व्यापक और लगातार वर्षा की संभावना फिलहाल दक्षिणी इलाकों में ही अधिक है। प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य, 34 जिलों में सामान्य से कम और नौ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई। शनिवार को सबसे ज्यादा 134 मिमी बारिश संभल में, बुलंदशहर में 110.4 मिमी, हमीरपुर में 93 मिमी बारिश दर्ज की गई। दक्षिणी यूपी में मानसूनी गतिविधियां अभी जारी रहेंगी। वहीं पश्चिमी यूपी में धीरे धीरे बारिश का असर कम हो रहा है। बाढ़-बारिश की तस्वीरें देखिए… 48-72 घंटे एक्टिव रहेगा मानसून
आंचलिक मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, अगले 48 से 72 घंटों के दौरान सोनभद्र, मिर्जापुर और चंदौली जैसे दक्षिणी जिलों में मानसून का सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। लगातार हो रही वर्षा के कारण नदियों और नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना भी जताई गई है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की गई है। अब जानिए आगे कैसा रहेगा मौसम
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर मध्य क्षोभमंडल तक विस्तृत चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसी मौसम प्रणाली के प्रभाव से दक्षिणी उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब तक यह चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय रहेगा, तब तक दक्षिणी जिलों में अच्छी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। अब जानिए किसानों के लिए कैसा है मौसम
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि किसानों के लिए यह बारिश काफी लाभदायक साबित हो सकती है, क्योंकि धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए पर्याप्त नमी आवश्यक होती है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। आज कहां-कहां बारिश की संभावना, देखिए किसानों के लिए बारिश क्यों है फायदेमंद
लगातार हो रही मानसूनी बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान, मक्का, अरहर, उड़द, तिल और अन्य खरीफ फसलों के लिए यह वर्षा बेहद लाभदायक मानी जा रही है। जिन क्षेत्रों में अब तक सिंचाई के लिए ट्यूबवेल या नहरों पर निर्भर रहना पड़ रहा था, वहां प्राकृतिक वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचेगी। इससे सिंचाई का खर्च भी कम होगा। धान की रोपाई वाले क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ने से पौधों की बढ़वार अच्छी होगी। मक्का और दलहनी फसलों को भी पर्याप्त नमी मिलने से उत्पादन में सुधार की संभावना है। वर्षा से भूजल स्तर में भी सुधार होगा, जिसका लाभ आने वाले समय में रबी फसलों की सिंचाई के लिए मिलेगा।
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यूपी में अगले 48-72 घंटे एक्टिव रहेगा मानसून:दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों में होगी भारी बारिश, फतेहगढ़ रहा सबसे गर्म