![]()
गोरखपुर में 10 साल की बच्ची से श्मशान में रेप-हत्या करने वाला सिपाही पुलिस लाइन से चाकू लेकर निकला था। उसने पहले से ये तय कर लिया था कि आज किसी लड़की के साथ गलत काम करूंगा। सिपाही अपनी पत्नी और 2 बच्चों से अलग रहता था। उसे लड़कियों और महिलाओं से नफरत थी। लड़कियों को तड़पता-चिल्लाता देखकर उसे अच्छा लगता था। घटना वाले दिन भी श्मशान घाट पर करीब 45 मिनट तक बच्ची दर्द से तड़पकर चीखती-चिल्लाती रही। सिपाही ने रेप करने के बाद उसका गला दबाया। फिर चाकू से चेहरा बिगाड़ा। इसके बाद बच्ची के लोअर से डोरी निकाली और उससे हाथ पीछे करके बांध दिए। फिर बच्ची को चिउटहा पुल से नीचे फेंक दिया। ये बातें रिमांड पर लिए गए सिपाही अभिषेक यादव ने पुलिस को बताईं। अभिषेक गोरखपुर के एक भाजपा विधायक का गनर भी रह चुका है। पुलिस रिमांड पर 6:45 घंटे पूछताछ हुई गोरखपुर जिला अस्पताल से 28 जुलाई की रात सिपाही ने 10 साल की बच्ची का अपहरण के बाद रेप कर हत्या कर दी थी। 4 अगस्त (मंगलवार) को जेल में बंद सिपाही अभिषेक यादव को 10 घंटे कस्टडी रिमांड पर लिया गया। सुबह करीब 6 बजे पुलिस कड़ी सुरक्षा के बीच सिपाही को जिला जेल से बाहर लाई। पहले उससे करीब 6:45 घंटे तक पूछताछ की गई। सिपाही बोला- बच्ची चीखी, इसलिए गला दबाकर मार डाला सिपाही अभिषेक यादव ने पुलिस को बताया कि बच्ची के चीखने-चिल्लाने पर मुझे डर लगा कि आसपास के लोग आ सकते हैं। इसी वजह से मैंने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। फिर पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए शव को क्षत-विक्षत कर रोहिणी नदी में फेंक दिया। जिला अस्पताल से शुरू हुआ सीन रीक्रिएशन इसके बाद सिपाही को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएशन कराया गया। पुलिस उसे उन सभी जगहों पर ले गई, जहां-जहां वह वारदात की रात गया था। पुलिस सिपाही को लेकर सबसे पहले जिला अस्पताल पहुंची। जहां से वह बच्ची को बाइक पर बैठाकर ले गया था। इसके बाद उसी रास्ते से होते हुए टीम श्मशान घाट और चिऊटहा पुल पहुंची। पुलिस ने उससे उस जगह पर भी ले जाकर पूछताछ की, जहां से करीब 500 मीटर दूर बच्ची का शव मिला था। सिपाही की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू भी घटनास्थल के पास झाड़ियों से बरामद कर लिया। पुलिस ने चाकू को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। रिमांड के दौरान मिली जानकारी का सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, फोरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों से मिलान किया जाएगा। सरकारी क्वार्टर भी सील किया गया रिमांड के दौरान पुलिस सिपाही को पुलिस लाइन स्थित उसके सरकारी कमरे में भी लेकर गई। कमरे का निरीक्षण करने के बाद उसे सील कर दिया गया। वहां से कुछ सामान और अन्य साक्ष्य जुटाए गए हैं, जिन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। सिपाही की पत्नी और परिवार ने नाता तोड़ा सिपाही अभिषेक यादव के परिवार में पत्नी, 13 साल की बेटी और 7 साल का बेटा है। करीब एक साल से उसकी पत्नी बच्चों के साथ मायके में रह रही है। सिपाही के माता-पिता और रिश्तेदार भी उसकी करतूत से शर्मसार हैं। इस घटना के बाद से परिवार और रिश्तेदारों ने उससे दूरी बना ली है। अभी तक सिपाही से मुलाकात करने कोई भी जेल नहीं गया है। जेल में हाई सिक्योरिटी बैरक में सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में उसे रखा गया है। 36 घंटे बाद मिला था बच्ची का शव 28 जुलाई: बच्ची का अपहरण कर रेप-हत्या की गई। 29 जुलाई: कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई। 30 जुलाई: करीब 36 घंटे बाद चिऊटहा पुल के नीचे शव मिला। 5 अगस्त: कोर्ट में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। पुलिस अफसरों का कहना है कि मामले को फास्ट ट्रैक स्तर पर मजबूत पैरवी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा, जिससे आरोपी को जल्द सजा दिलाई जा सके। डॉक्टर बनना चाहती थी बच्ची 10 साल की बच्ची डॉक्टर बनना चाहती थी। वह बेतियाहाता इलाके के सरकारी स्कूल में 5वीं में पढ़ती थी। घटना वाले दिन 28 जुलाई को हर दिन की तरह बच्ची सुबह स्कूल गई थी। उसे नहीं पता था कि ये उसकी आखिरी सुबह है। वह स्कूल से लौटकर घर आई। ड्रेस निकालकर बरामदे में टांग दी। लोवर टी-शर्ट पहनकर खेलने लगी। शाम के समय बड़ी बहन के सीने में दर्द होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पिता और मौसी भर्ती बच्ची के साथ थे। इधर, घर पर 10 साल की बच्ची ने खाना बनाया। फिर रात में 7 साल की छोटी बहन को लेकर खाना देने जिला अस्पताल गई। पिता ने बताया- अस्पताल में पानी लेने के लिए बच्ची बाहर निकली थी। तभी सिपाही ने घर छोड़ने के बहाने फुसलाकर बाइक पर बैठा लिया। उसके बाद से बच्ची हमेशा के लिए चली गई। मां ने बेटे को दिया बच्ची का नाम 30 जुलाई की शाम 6 बजे राजघाट में बच्ची का अंतिम संस्कार किया गया था। इसके बाद रात में ही बच्ची की मां ने बेटे को जन्म दिया था। 5 बच्चियों के बाद जन्मे बेटे को मां ने मर चुकी बेटी का नाम दिया है। रिश्तेदारों ने बताया कि बच्ची हमेशा अपनी मां से एक भाई की डिमांड करती थी। जब भाई आया, तो इससे पहले ही सिपाही ने हंसती-खेलती बच्ची को घरवालों से छीन लिया। भाजपा विधायक का गनर रह चुका है सिपाही सिपाही अभिषेक यादव गोरखपुर के साउथ एरिया की एक विधानसभा के भाजपा विधायक का गनर भी रह चुका है। हाल ही में विधायक की गाड़ी का दुर्घटनाग्रस्त हुई थी, जिसमें अभिषेक को चोट लगी थी। इसके बाद से ही वह पुलिस लाइन में आ गया था। ठीक होने पर उसकी तैनाती डायल- 112 में गोरखनाथ क्षेत्र में हो गई थी। ———————— ये खबर भी पढ़ें… पोती की स्कूल ड्रेस दिखाकर फूट-फूटकर रोईं दादी, मासूम बहन बोली- पुलिस अंकल गंदे ‘पुलिस अंकल गंदे हैं। दीदी को बाइक से बैठाकर ले गए और ऊपर भेज दिया। पापा बता रहे हैं, अब वो कभी लौटकर नहीं आएगी। वो रोज मुझे पेंटिंग करना सिखाती थी। उसका बैग अब मेरे पास है। कॉपी-किताब से पढ़ूंगी।’ गोरखपुर में सिपाही अभिषेक यादव (35) की दरिंदगी की शिकार 10 साल की बच्ची अब इस दुनिया में नहीं है। दैनिक भास्कर की टीम शुक्रवार (31 जुलाई) को उसके घर पहुंची। यहां उसका स्कूल बैग लेकर 5 और 7 साल की उसकी छोटी बहनें खेल रही थीं।
Source link
श्मशान में 45 मिनट चीखी थी 10 साल की बच्ची:गोरखपुर घर से चाकू लेकर निकला था सिपाही, BJP विधायक का गनर रह चुका है