सहारनपुर में नौकरी के नाम पर 16.75 लाख की ठगी:राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने का दिया झांसा, फर्जी आईकार्ड और फोटो दिखाए, कोर्ट के आदेश पर 10 पर FIR


सहारनपुर में राष्ट्रपति भवन में बीएससी नर्सिंग की तैयारी कर रही युवती और उसकी ममेरी बहन को नौकरी लगवाने का झांसा देकर 16.75 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद कुतुबशेर थाने में 10 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने का दावा करते हुए फर्जी फोटो और आईकार्ड दिखाकर पीड़िता व उसके परिवार को विश्वास में लिया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई। नौकरी नहीं लगने पर रकम वापस मांगने पर धमकी देने का भी आरोप है। ग्राम मेघराजपुर निवासी पवित्रा पत्नी ईश्वरचंद की ओर से कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, उनकी बेटी प्रिन्सी पालीवाल और भांजी शैली मानकमऊ स्थित दुकान पर पढ़ाई कर रही थीं। प्रिन्सी बीएससी नर्सिंग की तैयारी कर रही थी, जबकि शैली इंटरमीडिएट की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान सुमित, उसकी पत्नी रेणू और बेटी तानिया दुकान पर पहुंचे। आरोप है कि पढ़ाई की जानकारी होने पर उन्होंने दोनों युवतियों की राष्ट्रपति भवन में नौकरी लगवाने की बात कही। आरोप है कि तानिया ने खुद को राष्ट्रपति भवन में कंप्यूटर कंट्रोलर के पद पर तैनात बताया। उसने राष्ट्रपति भवन की फोटो दिखाई, जिसमें अपना नाम होने की बात कही और आईकार्ड भी दिखाया। साथ ही परिवार को भरोसा दिलाया कि नौकरी नहीं लगने पर वह रकम वापस कर देगी। इसके बाद आरोपियों ने दोनों युवतियों के मोबाइल नंबर लिए और राष्ट्रपति भवन में लेटर एंट्री के जरिए सीधे कर्मचारी रखे जाने की बात कहते हुए नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई रकम प्रार्थना पत्र के अनुसार, आरोपियों के कहने पर परिवार ने कर्ज लेकर और रिश्तेदारों से रकम जुटाकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए। पवित्रा के पति के खाते से तानिया के खाते में 3,43,086 रुपए, जबकि उनके बेटे नितिन के खाते से तानिया को 50 हजार, विक्रान्त को एक लाख और जेवेन्द्र राणा को 40 हजार रुपए तथा उसी तारीख में 10 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। पवित्रा के खाते से तानिया के खाते में 6,64,926 रुपए, अभिषेक के खाते में 50 हजार, लक्की राणा को 25 हजार, रश्मि को 25 हजार और सुनीता को 50 हजार रुपए भेजे गए। इसके अलावा प्रिन्सी के खाते से तानिया के खाते में 93 हजार रुपये तथा पवित्रा की बहन सरिता के खाते से तानिया को 1,84,600 रुपए ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख है। पवित्रा के पति के खाते से सुमित के खाते में 3,00,056 रुपए और 10 हजार रुपए भी भेजे गए। प्रार्थना पत्र में इन सभी लेनदेन को मिलाकर कुल 16,75,582 रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। नौकरी नहीं लगी तो टालमटोल का आरोप प्रार्थना पत्र के मुताबिक, काफी समय बीतने के बाद भी दोनों युवतियों की नौकरी नहीं लगी तो परिवार ने आरोपियों से संपर्क किया। आरोप है कि आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे। तानिया कभी नौकरी की बातचीत चलने तो कभी जल्द नौकरी लगने की बात कहती रही। बाद में उसने भारत-पाकिस्तान युद्ध का हवाला देते हुए कर्मचारियों से पैसे लिए जाने की बात कही और और रकम डालने को कहा। इस पर परिवार को शक हुआ कि जब नौकरी ही नहीं लगी तो कर्मचारी के नाम पर पैसे क्यों लिए जा रहे हैं। आरोप है कि आरोपियों ने इसके बाद भी दोनों युवतियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग चलने और तानिया के राष्ट्रपति भवन में नौकरी करने की बात कहकर परिवार को भरोसा दिलाया। बाद में पवित्रा ने जानकारी जुटाई तो पूरा मामला फर्जी लगा। 3 लाख लौटाए, बाकी मांगने पर धमकी का आरोप शिकायत के अनुसार, पवित्रा ने आरोपियों से रकम वापस करने और पुलिस में शिकायत करने की बात कही। इसके बाद आरोपियों ने पवित्रा और उसकी बहन के करीब 3 लाख रुपए वापस किए और बाकी रकम भी लौटाने का भरोसा दिया। आरोप है कि बाद में बाकी रकम नहीं लौटाई गई। रकम मांगने पर पवित्रा और उसके परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी गई। पवित्रा ने प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने के मामले में आरोपियों के खिलाफ अन्य थानों में भी मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी समेत कई अधिकारियों को दी थी शिकायत पवित्रा के मुताबिक, उसने 13 मई 2026 को एसएसपी समेत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को भी प्रार्थना पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि इसके बावजूद कुतुबशेर पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। इसके बाद पवित्रा ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर कुतुबशेर थाने में सुमित, तानिया, रेणू, शांतनु, विक्रान्त, जेवेन्द्र राणा, लक्की राणा, अभिषेक राणा उर्फ शांतनु, रश्मि और सुनीता के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेनदेन, आरोपियों द्वारा दिखाए गए कथित आईकार्ड व अन्य दस्तावेजों तथा नौकरी लगवाने के नाम पर रकम लेने के आरोपों की जांच करेगी। शिकायतकर्ता ने आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रकम की बरामदगी की मांग भी की है।

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