रिजवान खान | मेरठ9 मिनट पहले
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मेरठ में श्रावण मास की कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए मेरठ मंडल के कमिश्नर भानुचंद्र गोस्वामी और मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने सोमवार को गंगनहर पटरी कांवड़ मार्ग का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गाजियाबाद बॉर्डर से मुजफ्फरनगर बॉर्डर तक सुरक्षा, यातायात और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लेकर व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

प्रमुख पड़ावों और कंट्रोल सेंटर का किया निरीक्षण
कमिश्नर और डीआईजी ने जानी पुल, भोला झाल, नानू पुल, दौराला पुल और सलावा झाल सहित प्रमुख कांवड़ पड़ावों व शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने जानी थाना क्षेत्र स्थित भोला झाल पुलिस सहायता केंद्र और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का भी जायजा लिया, जहां सीसीटीवी, ड्रोन और आईपी कैमरों से कांवड़ मार्ग की निगरानी की जा रही है।

महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष जोर
अधिकारियों ने सुपर जोनल और जोनल पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। महिला पुलिसकर्मियों को महिला कांवड़ियों से संवाद बनाए रखने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के विशेष निर्देश दिए गए। साथ ही सभी तकनीकी संसाधनों को पूरी क्षमता से संचालित रखने के आदेश दिए गए।

मेडिकल कैंप, भोजन और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी नजर
निरीक्षण के दौरान मेडिकल शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन की गुणवत्ता, पेयजल, विद्युत सुरक्षा और स्वच्छता की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई। शिविर संचालकों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए गए। सड़क हादसों की रोकथाम के लिए मोबाइल पेट्रोलिंग, पिकेट ड्यूटी, संवेदनशील स्थानों पर निगरानी और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

‘सुरक्षित और व्यवस्थित यात्रा हमारी प्राथमिकता’
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने कहा कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सहायता के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करने तथा निरीक्षण में मिली कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
