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बस्ती जिला अस्पताल में दवा माफियाओं की सक्रियता सामने आई है। ये लोग डॉक्टरों के चैंबर तक पहुंच रखते हैं और अस्पताल स्टाफ की तरह बैठकर मरीजों को बाहर से दवा लिखवाने में डॉक्टरों की मदद करते हैं। आरोप है कि इसके बदले में डॉक्टरों को कमीशन भी दिया जाता है। अस्पताल परिसर में प्रमुख अधीक्षक और सीएमओ कार्यालय होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सोमवार को दिन में 10:41 बजे भास्कर के खुफिया कैमरे में चौंकाने वाला दृश्य रिकॉर्ड हुआ। ओपीडी में डॉक्टरों के कक्षों में अनाधिकृत लोग कुर्सियों पर बैठे पाए गए। पड़ताल में पता चला कि ये लोग दवा के कारोबार से जुड़े हैं और डॉक्टरों को बाहर से दवा लिखने के लिए प्रेरित करते हैं। अस्पताल परिसर से सटा हुआ एक मेडिकल स्टोर भी संचालित हो रहा है, जहां से मरीज अक्सर बाहर से लिखी हुई दवाएं खरीदते हैं। दलालों को मिलता है मोटा कमीशन इतना ही नहीं, इमरजेंसी वार्ड में भी दलाल घूमते नजर आते हैं। ये गंभीर मरीजों के तीमारदारों को गुमराह कर अपने साथ ले जाते हैं और उन निजी अस्पतालों में भर्ती करा देते हैं, जहां इनकी ‘सेटिंग’ होती है। इसके बदले में इन दलालों को मोटा कमीशन मिलता है। इस संबंध में जिला अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया था और उन्होंने हाल ही में राउंड किया था, जिसमें ऐसा कुछ दिखाई नहीं पड़ा। डॉ. कुमार ने कहा कि संज्ञान में आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने गार्डों को किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर न आने देने का निर्देश देने और ऐसे लोगों को चिह्नित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की बात कही।
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बस्ती जिला अस्पताल में दवा माफिया सक्रिय:डॉक्टरों के चैंबर में बैठकर बाहर की दवा लिखवाने का आरोप