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उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय और इसके 12 क्षेत्रीय केंद्रों में रविवार को प्रधानमंत्री के ‘नशा मुक्त युवा संकल्प अभियान’ का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने युवा पीढ़ी को नशे की लत से बचाने के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. पीके साहू ने सामाजिक शुचिता के लिए नशे पर नियंत्रण को आवश्यक बताया। उन्होंने पंजाब, पूर्वोत्तर राज्यों और राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते कारोबार पर चिंता व्यक्त की और इसके समाधान के लिए एक दीर्घकालिक परियोजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत्यकाम ने प्रो. साहू के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए तत्काल प्रभाव से इस परियोजना पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शोधार्थियों को अपने-अपने क्षेत्रों से नशे से संबंधित आंकड़े एकत्र कर शिक्षा विद्याशाखा में प्रस्तुत करने को कहा, ताकि प्रभावी नीतियां तैयार की जा सकें। कुलपति प्रो. सत्यकाम ने परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों की गतिविधियों की जानकारी सबसे पहले माताओं को होती है, इसलिए नशा मुक्ति अभियान में माताओं को जागरूक और सशक्त बनाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संजय कुमार सिंह ने किया। विषय प्रवर्तन समन्वयक प्रो. पी. के. स्टालिन ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बाल गोविंद सिंह द्वारा दिया गया।
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राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति अभियान शुरू:शोधार्थी करेंगे सर्वे, माताओं को सशक्त कर युवाओं को बचाएंगे