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अयोध्या जनपद के रुदौली क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग ने बिना वैध पंजीकरण और आवश्यक चिकित्सकीय स्टाफ के संचालित हो रहे तीन निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया के निर्देश पर गठित टीम ने औचक निरीक्षण कर तीनों अस्पतालों को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। नोडल अधिकारी (नर्सिंग होम) डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदौली के अधीक्षक डॉ. रविंद्र शुक्ला और पटल सहायक संदीप यादव की संयुक्त टीम ने खैरनपुर-भेलसर रोड स्थित न्यू मुस्कान मेडिकल सेंटर और सिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। जांच में दोनों अस्पताल बिना वैध पंजीकरण के संचालित पाए गए। न्यू मुस्कान मेडिकल सेंटर में निरीक्षण के दौरान दो महिला मरीज भर्ती मिलीं। टीम ने उनके फोटोग्राफ साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किए। मौके पर मौजूद नंदकिशोर प्रजापति अस्पताल से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। हॉस्पिटल का कोई वैध पंजीकरण नहीं जांच में यह भी सामने आया कि ओपीडी पर्चियों पर बारामासी पौशाला, रेजघाट रोड का पता दर्ज था, जबकि अस्पताल खैरनपुर-भेलसर रोड पर संचालित हो रहा था। इसी भवन में सिटी हॉस्पिटल का बोर्ड भी लगा मिला, जिसका भी कोई वैध पंजीकरण नहीं पाया गया। इसके बाद टीम ने अर्चना हॉस्पिटल का भी निरीक्षण किया। यह अस्पताल भी बिना पंजीकरण के संचालित मिलता पाया गया। मौके पर मौजूद सनी नामक व्यक्ति अस्पताल संचालन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके। स्वास्थ्य विभाग ने तीनों अस्पतालों के संचालकों को तत्काल प्रभाव से अस्पताल बंद करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेशों का पालन नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि जनपद के सभी निजी अस्पताल संचालकों को पहले ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि बिना वैध पंजीकरण, प्रशिक्षित चिकित्सकों और आवश्यक पैरामेडिकल स्टाफ के किसी भी अस्पताल का संचालन न किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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रुदौली में बिना पंजीकरण चल रहे तीन निजी अस्पताल:सीएमओ ने कार्रवाई करते हुए तुरंत बंद करने के निर्देश दिए