Varanasi Fake Company Tax Fraud Ludhiana Link Exposed

हरविंदर सिंह जिसके आधार कार्ड के नाम पर फर्जीवाड़ा हुआ।

10 साल पहले विदेश भेजने का झांसा देकर एक युवक का आधार कार्ड लिया गया। अब उसी आधार नंबर पर दूसरी फोटो लगाकर ₹90 करोड़ की फर्जी बिलिंग का नेटवर्क खड़ा कर दिया गया। वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में GST जांच के दौरान खुला यह खेल लुधियाना के चेत सिंह नगर तक पहु

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दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची तो मकान बंद मिला। पड़ोसियों ने दावा किया कि कुछ दिन पहले रात में लोग ऊपर से सामान निकालकर ले गए थे। वहीं, जिस युवक के नाम पर किरायानामा और आधार इस्तेमाल हुआ, उसने साफ कहा कि वह कभी लुधियाना गया ही नहीं। सवाल यह भी है कि जब आधार फर्जी तरीके से इस्तेमाल हुआ तो कोर्ट में स्टे लेने वाला हरविंदर आखिर कौन है? भास्कर टीम को क्या मिला, पूरी रिपोर्ट पढ़िए…

एक ही नंबर के दो आधार कार्ड। दोनों में फोटो अलग-अलग हैं।

एक ही नंबर के दो आधार कार्ड। दोनों में फोटो अलग-अलग हैं।

फर्जी बिलिंग घोटाले की कहानी सिलसिलेवार जानिए..

  • यूपी स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट ने FIR दर्ज करवाईः यूपी स्टेट टैक्स डिपार्टमेंट वाराणसी रेंज बी के अधिकारी कृपा कांत की शिकायत पर थाना चेतगंज (वाराणसी) में मुकदमा दर्ज कराया गया। टैक्स डिपार्टमेंट को जांच के दौरान एक फर्जी कंपनी M/s सोहन एंटरप्राइजेज का पता चला। इसके बाद फर्जी कंपनी के मालिक बिजनौर निवासी सोहन कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई।
  • कागजों पर बनाई गई फर्जी कंपनी: वाराणसी के चेतगंज स्थित लहुराबीर दुकान नंबर 121 के पते पर M/s सोहन एंटरप्राइजेज (GSTIN: 09JQWPK7794A1ZW) नाम से एक कंपनी रजिस्टर कराई गई। कागजों में इस कंपनी का मालिक सोहन कुमार को दिखाया गया।
  • वहां पर कोई दफ्तर ही नहीं था: FIR के मुताबिक 16 अप्रैल 2025 को जब टैक्स अधिकारी दुकान के पते पर जांच करने पहुंचे, तो बताए गए पते पर कोई कामकाज नहीं चल रहा था। दुकान का कब्जा पूरी तरह से फर्जी किराएनामे के आधार पर दिखाया गया था। मौके पर न तो कोई सामान था और न ही कोई कर्मचारी। कंपनी सिर्फ कागजों पर चल रही थी और कोई असली खरीद-बिक्री नहीं हो रही थी।
  • 90 करोड़ रुपए के फर्जी बिल बनाए: सोहन एंटरप्राइजेज ने बिना किसी सामान या सर्विस दिए केवल जीएसटी पोर्टल पर फर्जी बिल चढ़ा दिए। कंपनी ने लगभग 90.25 करोड़ रुपए की फर्जी बिलिंग की और इससे लगभग 2.70 करोड़ रुपए का टैक्स रिफंड लिया। इस गिरोह ने बिना कोई माल बेचे या खरीदे, फर्जी कंपनियों के जरिए कागजी लेनदेन दिखाकर सरकार को करोड़ों रुपए के टैक्स का चूना लगाया।
  • ज्यादातर बिलिंग पंजाब की कंपनियों के नाम: फर्जी बिलिंग जिन कंपनियों के नाम की गई उनमें ज्यादातर कंपनियां पंजाब के लुधियाना और आसपास की थी। ये कंपनियां सही हैं या फर्जी हैं अभी इस मामले की जांच चल रही है। उसमें खन्ना, मंडीगोबिंद गढ़ और लुधियाना की फैक्ट्रियों के नाम हैं।
  • आईपी एड्रेस से मिला लुधियाना लिंक: यूपी पुलिस ने जब फर्जी बिलिंग करने वाले का आईपी एड्रेस ट्रेस किया तो पता चला कि यह आईपी एड्रेस लुधियाना के चेत सिंह नगर के हैं। आगे जांच में पता चला कि यह दफ्तर चेत सिंह नगर मकान नंबदर 3335 गली नंबर चार दानामंडी लुधियाना में है।
  • नियम तोड़ किराए पर दिया मकानः पुलिस ने जब मकान मालिक के बारे में छानबीन की तो मकान मालिक का नाम शुभम शर्मा पता चला। फिर पुलिस को पता चला कि शुभम शर्मा ने यह मकान यह मकान हरविंदर सिंह को किराए पर दिया है। जिसे हरविंदर सिंह ने नियम तोड़कर आरोपी संदीप सिंह को आगे किराए (सब-लेट) पर दे दिया गया था।
इसी घर के पते के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया।

इसी घर के पते के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया।

जानिए कैसे लुधियाना के आधार कार्ड से खेल किया…

  • आधार कार्ड पर बदली फोटो: चेत सिंह नगर में जो मकान दफ्तर के लिए किराए पर लिया गया, उसका किरायानामा हरविंदर के नाम से बनाया गया। हरविंदर का पता जगराओं के दशमेश नगर का लिखा गया था। पूरा फर्जीवाड़ा आधार कार्ड से हुआ, जिसमें हरविंदर की फोटो हटाकर किसी अन्य की फोटो लगा दी।
  • 10 साल पहले कोई आधार कार्ड ले गया था: जब यूपी पुलिस जगराओं पहुंची और असली हरविंदर सिंह से पूछताछ की, तो उसने बताया कि वह कबाड़ का काम करता है। उनके मोहल्ले में करीब दस साल पहले कुछ लोग आए थे। उन्होंने करीब 50 लड़कों से आधार कार्ड लिए और कहा कि उन्हें विदेश में नौकरी दिलाएंगे। उन्होंने सभी लोगों को 10-10 हजार रुपए दिए थे। एक दिन बाद वो सभी के आधार कार्ड वापस कर गए थे। उन्हें शक है कि उसी समय आधार स्कैन किए गए हों।
  • आधार कार्ड में फोटो अलग: हरविंदर का कहना है कि यूपी पुलिस उनके पास आई थी और आधार कार्ड के बारे में पूछा था। उसने पुलिस को बताया कि आधार कार्ड में जो पता था, वह उसका पुराना पता था क्योंकि अब उसका नया पता बदल चुका है। आधार कार्ड पर नाम और पता तो उसका था, लेकिन फोटो किसी और की लगी हुई थी। पूछताछ के बाद स्थिति साफ होने पर यूपी पुलिस वहां से चली गई।

सर्च वारंट से लेकर स्टे तक की कहानी, जानिए…

  • निचली अदालत से सर्च वारंट मिला: यूपी पुलिस के जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर कपिल देव यादव जब सबूत जुटाकर लुधियाना पहुंचे, तो कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत से सर्च करने की अनुमति मांगी।
  • यूपी पुलिस की दलील: इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिलने का जताया शकः जांच अधिकारी एसआई कपिल देव यादव ने कोर्ट से चेत सिंह नगर के मकान की तलाशी के लिए अर्जी दी। पुलिस ने कहा कि यहां से लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव, सिम कार्ड और फर्जी बिलिंग से जुड़े दस्तावेज मिल सकते हैं। कोर्ट ने पंजाब पुलिस और दो स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तलाशी का सर्च वारंट जारी कर दिया।
  • सेशन कोर्ट ने सर्च वारंट पर लगाई रोकः सर्च वारंट जारी होने के बाद हरविंदर सिंह के नाम पर सेशन कोर्ट में रिवीजन याचिका दाखिल की गई। कहा गया कि उन्हें बिना सुने वारंट जारी किया गया, जबकि वे न तो एफआईआर में आरोपी हैं और न ही वांछित। आरोप लगाया कि यूपी पुलिस सीसीटीवी फुटेज के बहाने उन्हें बेवजह परेशान और डराने की कोशिश कर रही है, जबकि मुख्य आरोपी बिजनौर निवासी सोहन कुमार है।
  • सेशन कोर्ट का फैसला: एडिशनल सेशन जज सुमित भल्ला ने दलीलों को सुनने के बाद 25 जुलाई 2026 के सर्च वारंट पर तुरंत रोक लगा दी। अदालत ने निचली अदालत से केस की पूरी फाइल मंगवाई है और यूपी पुलिस को 14 अगस्त 2026 के लिए नोटिस जारी कर दिया है।

हरविंदर सिंह का आधार फर्जी तो किसने लगाई रिट

एडवोकेट सर्वजीत सिंह का कहना है कि जब यह साफ हो गया कि जिस आधार कार्ड पर किरायानामा बना है वो आधार कार्ड जगराओं के हरविंदर सिंह का है। उसमें सिर्फ फोटो बदली गई है। उस हरविंदर सिंह का कहना है कि उसने न तो कभी लुधियाना में मकान किराए पर लिया और न ही वो कभी चेत सिंह नगर में आया। अब सवाल यह उठता है कि जब किरायानामा फर्जी तरीके से बनाया गया है तो कोर्ट में स्टे ऑर्डर के लिए किस हरविंदर ने याचिका लगाई है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जांच होनी चाहिए।

पड़ोसी जानकारी देते हुए।

पड़ोसी जानकारी देते हुए।

पड़ोसी बोले-रात में बनेरे से निकले आसपास के लोगों का कहना है कि मकान मालिक ने किराए पर दिया था। यहां पर तीन चार लोग आते थे और काम करके चले जाते थे। उनका किसी से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने बताया कि तीन चार दिन से मकान बंद है। पुलिस आई थी लेकिन बाहर से ही चली गई। उनका कहना है कि रात में कुछ लोग बाहर सीढ़ी लगाकर चढ़े और ऊपर का दरवाजा खोलकर बनेरे से निकल गए। सामान साथ में क्या ले गए किसी को नहीं पता।

सर्च ऑर्डर पर स्टे होने के कारण नहीं ले सके तलाशी यूपी पुलिस के जांच अधिकारी कपिल कुमार यादव का कहना है कि उन्होंने कोर्ट से सर्च वारंट हासिल कर दिए थे इसी बीच सेशन कोर्ट से स्टे लग गया और अब उनसे फाइल मंगवाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने जगराओं जाकर हरविंदर के बयान लिए और उसने अपना नया आधार कार्ड दिखाया। उसके आधार कार्ड और किरायानामा पर लगा आधार कार्ड का नंबर एक ही है। फोटो बदली गई है। आधार कार्ड में पता भी उसके दूसरे घर का है।

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