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गुरु पूर्णिमा के अवसर पर भगवान श्री कृष्ण की जन्मस्थली मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान मंदिर पर 7 दिवसीय गिर्राज महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव के अंतिम दिन मंदिर परिसर में विराजमान भगवान गोवर्धन नाथ का पंचामृत अभिषेक किया गया। इस दौरान देर शाम भगवान गोवर्धन नाथ को 56 भोग अर्पित किए गए। भगवान के इस अलौकिक दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। भगवान का हुआ पंचामृत अभिषेक श्रीकृष्ण-जन्मस्थान सेवा-संस्थान के तत्वावधान में श्रीकृष्ण संकीर्तन मण्डल एवं स्थानीय भक्तों के सहयोग से श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े श्री गिरिराज पूजा महोत्सव के अन्तर्गत बुधवार को सुबह जन्मस्थान पर विराजमान श्रीगिरिराज महाराज का भव्य पंचामृत महाभिषेक हुआ। भक्तों ने श्रद्धा एवं भाव से दूध, दही, घी, शर्करा एवं मधु से भगवान का महाभिषेक किया। शास्त्रीय एवं प्राचीन विधान के अनुसार सुगन्धित द्रव्य, केसर एवं अन्य वन्य, वस्तुओं का प्रयोग भी भगवान के महाभिषेक में किया गया। पुष्प कुंज में किया भगवान को विराजमान श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया अभिषेक के मध्य निरन्तर हरिनाम संकीर्तन एवं ब्रज के परंपरागत भजनों का गायन भी इस आयोजन को दिव्यता एवं भव्यता प्रदान कर रहा था। ज्ञान, वैराग्य एवं भक्ति के इस महान पर्व पर संपूर्ण जन्मस्थान परिसर को भव्य विद्युत सज्जा से सजाया, संवारा गया साथ ही भगवान श्री केशवदेव जी एवं श्री गिरिराज महाराज सुगन्धित पुष्प, पत्र आदि से निर्मित पुष्प कुँज में विराजकर भक्तों को दर्शन दे रहे थे। 10 दिन से कारीगर कर रहे थे 56 भोग कि तैयारी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान के परिसर में विराजमान भगवान श्रीकेशवदेव जी एवं श्रीगिरिराज जी महाराज सहित अन्य मंदिरो में भव्य, दिव्य एवं विशाल छप्पनभोग अर्पित किये गये। छप्पनभोग प्रसाद के मध्य विराजित भगवान के स्वरूप भक्तों को आनन्द से सराबोर कर रहे थे। संस्थान सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस सप्त दिवसीय श्रीगिरिराज पूजा महोत्सव एवं भव्य छप्पन भोग के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए श्रीकृष्ण संकीर्तन मण्डल के सदस्यों द्वारा प्रयास किये गये। सैकड़ों कारीगरों ने शुद्ध एवं पवित्रता के भाव से लगभग 9-10 दिन के अथक प्रयास से भगवान के इस दिव्य छप्पन भोग की सामग्री को तैयार किया। भजनों की धुन पर झूमे भक्त छप्पनभोग दर्शन के मध्य ब्रज की सुविख्यात भजन गायिका श्रीमती शालिनी शर्मा, एवं भोपाल की गुंजन तिवारी द्वारा लीला मंच में ठाकुरजी के प्रिय भजनों का गायन कर श्रद्धालुओं को तो आनन्दविभोर किया ही रसावतार, पूर्णावतार, प्रेमावतार भगवान श्रीकृष्ण की कृपा की कामना भी की। इस गिरिराज पूजा महोत्सव का समापन 108 दीप द्वारा भगवान की अलौकिक आरती के द्वारा हुआ।
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श्री कृष्ण जन्मस्थान पर सम्पन्न हुआ गिर्राज महोत्सव:7 दिवसीय महोत्सव के अंतिम दिन भगवान को अर्पित किए 56 भोग, दर्शनों के लिए उमड़े भक्त