![]()
चित्रकूट के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इसमें जर्जर भवनों के मूल्यांकन और विद्युत व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और लघु सिंचाई विभाग के अभियंताओं को परिषदीय विद्यालयों के जर्जर भवनों और ढांचों का तत्काल सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे भवनों का तकनीकी मूल्यांकन कर सूची जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनका ध्वस्तीकरण बिना देरी के किया जा सके। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
विद्यालयों की विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि जिले के 105 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइनें गुजर रही हैं। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को इन लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये लाइनें विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। इसके अलावा, समीक्षा में यह भी ज्ञात हुआ कि जिले के 48 परिषदीय विद्यालयों में अभी तक बिजली कनेक्शन नहीं है। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि इन सभी विद्यालयों में एक माह के भीतर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला को मूल्यांकन रिपोर्ट मिलते ही जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने बरसात के मौसम में दुर्घटनाओं से बचने के लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रंजना शुक्ला सहित ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, लोक निर्माण विभाग, लघु सिंचाई विभाग और विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
Source link
जर्जर स्कूल भवनों, बिजली लाइनों पर प्रशासन का एक्शन:चित्रकूट में 105 विद्यालयों से हटेंगी हाईटेंशन लाइनें, 48 को मिलेगा बिजली कनेक्शन