![]()
पंजाब के खडूर साहिब से खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) के वर्कर चंडीगढ़ पुलिस से भिड़ गए हैं। पुलिस ने उन्हें चंडीगढ़ में घुसने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। जिसे प्रदर्शनकारियों ने उठाकर फेंक दिया। जिसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने उन पर वाटर कैनन से पानी की बौछार की है। जिसमें कई समर्थकों की पगड़ियां उतर गईं। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन का मुंह भी मोड़ दिया। इसके बाद समर्थक चंडीगढ़ में घुस गए हैं और चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में CM भगवंत मान के सरकारी घर के घेराव के लिए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी सांसद अमृतपाल की रिहाई की मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन से स्कूली बच्चों व उनके पेरेंट्स के लिए परेशानी हो सकती है। प्रदर्शन के चलते सेक्टर-45 गऊशाला चंडीगढ़ से मोहाली फेज-8 जाने वाली रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। पार्टी के नेता MLA मनप्रीत अयाली ने कहा कि हम यहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के लिए आए हैं, किसी तरह की तोड़फोड़ नहीं। अमृतपाल लोगों के प्रतिनिधि हैं लेकिन जेल में रखे जाने से वह बतौर सांसद अपने संवैधानिक कर्तव्य का पालन नहीं कर पा रहे हैं। सांसद अमृतपाल के वकील इमान सिंह खारा ने कहा कि NSA हटाई जा चुकी है। इसके बाद अजनाला हिंसा और 11 और झूठे केस दर्ज कर उन्हें असम जेल में रखा गया है। प्रदर्शन से जुड़े PHOTOS… सांसद अमृतपाल कौन, अभी उन्हें रिहा करने की मांग क्यों?
अमृतपाल सिंह 2024 में पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। उन्होंने कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा को करीब 1.97 लाख वोटों से हराया, जो पंजाब की सबसे बड़ी जीतों में शामिल थी। चुनाव के समय वह असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद थे। इससे पहले सितंबर 2022 में उन्होंने एक्टर दीप सिद्धू की मौत के बाद दुबई से आकर ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन की कमान संभाली। 23 अप्रैल 2023 को अमृतपाल को अजनाला थाने पर हमले के आरोप में मोगा से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एक्ट (NSA) लगाकर असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया। पंजाब में 7 महीने बाद चुनाव हैं, ऐसे में उनका संगठन अब राजनीतिक दल अकाली दल (वारिस पंजाब दे) बन चुका है। जिसमें अमृतपाल को सीएम चेहरा घोषित करने के साथ उनके जेल से चुनाव लड़ने का भी ऐलान किया गया है। उनके संगठन का आरोप है कि अमृतपाल पर पंजाब सरकार जानबूझकर NSA की अवधि बढ़ा रही है, जिस वजह से वह खडूर साहिब से लोकसभा प्रतिनिधि होने के बावजूद लोगों के काम नहीं करवा पा रहे हैं। बंदी सिख कौन, उनकी रिहाई की मांग क्यों?
सिख संस्थाओं के मुताबिक बंदी सिख उन सिख कैदियों को कहा जाता है, जिन्होंने विभिन्न मामलों में सजा पूरी कर ली है, लेकिन वे कानूनी, प्रशासनिक या अन्य कारणों से अब भी जेल में हैं। प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
Source link
पंजाब- सांसद अमृतपाल समर्थकों ने बैरिकेडिंग तोड़ी:पुलिस ने वाटर कैनन चलाया तो उसका मुंह मोड़ा; मोहाली से चंडीगढ़ में घुसे प्रदर्शनकारी