हेपेटाइटिस से हर 30 सेकंड में 1 मौत, मरीज अनजान:कानपुर हेपेटाइटिस इलाज और टेस्ट बिल्कुल फ्री, 806 मरीज हुए ठीक


कानपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल ने राष्ट्रीय हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत हेपेटाइटिस-सी के 800 से अधिक मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया है।
करीब एक लाख तक खर्च होने वाला इलाज और सभी जरूरी जांचें अब यहां पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। गेस्ट्रो विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल केंद्र सरकार के ‘नेशनल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम’ के तहत एक अधिकृत ट्रीटमेंट सेंटर है। अगस्त 2024 से जून 2026 तक अस्पताल में हेपेटाइटिस-सी के 806 मरीजों का सफलतापूर्वक इलाज कर उन्हें पूरी तरह ठीक किया जा चुका है। अस्पताल में कानपुर के अलावा उर्सला, फतेहपुर और आसपास के कई जिलों से मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। 1 लाख रुपये खर्च वाला इलाज अब बिल्कुल फ्री हेपेटाइटिस-सी का इलाज आमतौर पर 12 से 24 हफ्ते चलता है। बाजार में एक महीने की दवा 10 से 15 हजार रुपये की आती है और जांचों को मिलाकर कुल खर्च करीब 1 लाख रुपये तक पहुंच जाता है। सरकारी कार्यक्रम के तहत इस पूरे इलाज को मरीजों के लिए पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही दूरदराज के इलाकों में ‘TrueNat’ मशीनों के जरिए मुफ्त वायरल लोड टेस्टिंग और स्क्रीनिंग की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है। जानिए कैसे फैलता है संक्रमण और क्या हैं लक्षण? डॉ. विनय ने बताया कि,हेपेटाइटिस मुख्य रूप से चार प्रकार (A, B, C और E) का होता है। हेपेटाइटिस A और E दूषित पानी व दूषित भोजन से फैलता है। इसमें अचानक बुखार, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द, पेशाब में पीलापन और पेट के दाहिने हिस्से में सूजन या दर्द जैसे लक्षण आते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज कोमा में भी जा सकता है। वहीं हेपेटाइटिस B और C दूषित खून चढ़ाने, संक्रमित सुई या शारीरिक द्रव्यों के संपर्क में आने से फैलता है। यह शरीर में सालों तक छुपा रहता है और धीरे-धीरे लिवर को सड़ाकर ‘सिरोसिस’ या कैंसर में बदल देता है। ‘आइसबर्ग’ जैसा है खतरा, एक बार स्क्रीनिंग जरूर कराएं GSVM मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि,अक्सर किसी सर्जरी, एंजियोग्राफी या ब्लड डोनेशन के समय की जाने वाली जांच में ही लोगों को हेपेटाइटिस B या C का पता चलता है। उन्होंने कहा कि,अगर घर में किसी एक सदस्य को यह बीमारी निकलती है, तो पूरे परिवार को अपनी स्क्रीनिंग करानी चाहिए। बीमारी को छिपाने या अनदेखा करने के बजाय एक बार जांच कराकर सही समय पर मुफ्त इलाज का लाभ उठाना चाहिए।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *