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लखनऊ के बख्शी का तालाब इंटर कॉलेज में विज्ञान शिक्षक हरिश्चंद्र सिंह चौहान बच्चों को किताबों तक सीमित रखने के बजाय नवाचार के जरिए विज्ञान समझा रहे हैं। राज्य सरकार से पुरस्कृत शिक्षक चौहान विद्यालय में शिक्षण के दौरान अलग-अलग प्रयोग और मॉडल तैयार कराकर बच्चों की विज्ञान में रुचि बढ़ा रहे हैं। उनके प्रयासों से विद्यार्थी विज्ञान को समझने के साथ नए मॉडल बनाने के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना के तहत शिक्षक हर वर्ष विद्यार्थियों को नए आइडिया और मॉडल तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इनमें से पांच बेहतर मॉडल का चयन कर योजना के लिए भेजा जाता है। चयनित विद्यार्थियों को मॉडल तैयार करने के लिए 10-10 हजार रुपए की सहायता राशि मिलती है। इससे बच्चों को अपनी कल्पना और वैज्ञानिक सोच को मॉडल के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। कुछ नया करने के लिए प्रेरित करना जरूरी हरिश्चंद्र सिंह चौहान का कहना है कि बच्चों का सर्वांगीण विकास केवल पाठ्यक्रम पूरा करने से संभव नहीं है। इसके लिए उन्हें सोचने, सवाल पूछने और कुछ नया करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से वे विद्यालय समय के अतिरिक्त भी बच्चों को समय देते हैं और उनकी रुचि के अनुसार मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का काम केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देना भी है। अच्छी शिक्षा से ही सशक्त समाज और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है। उनका संदेश है- सीखो, सोचो और कुछ नया करो। उनका प्रयास है कि विद्यार्थी विज्ञान को रटने के बजाय उसे समझें और अपने विचारों को प्रयोग व मॉडल के माध्यम से सामने लाएं।
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लखनऊ के शिक्षक नवाचार से बच्चों को विज्ञान समझा रहे:इंस्पायर अवार्ड में मिलते हैं 10 हजार रुपए; मॉडल बनाकर दिखाएं अपनी कल्पना