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उत्तर मध्य रेलवे ने दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और रोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रेलवे ने संविदा के आधार पर करीब 400 दिव्यांगों को रोजगार उपलब्ध कराया है। वहीं, 100 दिव्यांग युवाओं को ‘एक्ट अप्रेंटिसशिप स्कीम’ के तहत कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें। सीपीआरओ डॉ शिवम शर्मा ने बताया कि महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के निर्देश पर उत्तर मध्य रेलवे ने साल की शुरुआत से ही तीनों मंडलों में दिव्यांगजनों को रोजगार देने की पहल तेज की। इसके तहत ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) ऑपरेटर, स्टेशन उद्घोषक, डेटा एंट्री ऑपरेटर, ‘वन स्टेशन वन प्रोडक्ट’ (ओएसओपी) स्टॉल संचालक और ग्राहक सेवा से जुड़े विभिन्न कार्यों में 380 से अधिक बेंचमार्क दिव्यांगों को रोजगार दिया गया है। बेहतर रोजगार के अवसर मिले यह अभियान प्रयागराज, झांसी और आगरा मंडल के साथ-साथ रेलवे की विभिन्न वर्कशॉप और प्रोडक्शन यूनिट में भी लागू किया गया है। इनमें प्रयागराज मंडल में लगभग 200, झांसी में 100 और आगरा मंडल में 63 दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हैं। 100 दिव्यांग युवाओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण उत्तर मध्य रेलवे ने रोजगार के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दिया है। ‘एक्ट अप्रेंटिसशिप स्कीम’ के तहत 100 दिव्यांग युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता और करियर की संभावनाएं मजबूत होंगी। उत्तर मध्य रेलवे के स्थायी कैडर में 784 दिव्यांग कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें साल 2025-26 के दौरान भर्ती किए गए 15 कर्मचारी भी शामिल हैं।
सीपीआरओ डॉ शिवम शर्मा का कहना है कि दिव्यांगजनों के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ाए जाएंगे।
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उत्तर मध्य रेलवे की बड़ी पहल:400 दिव्यांगों को मिला रोजगार, 100 युवाओं को दी जा रही स्किल ट्रेनिंग