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ललितपुर के गांव सिंगेपुर में दो नाबालिग लड़कों के बाल विवाह का मामला सामने आया है। बाल विवाह रोकने पहुंची चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई (डीसीपीओ) और थाना महरौनी पुलिस की संयुक्त टीम के साथ परिजनों और ग्रामीणों ने अभद्रता की। आरोप है कि ग्राम प्रधान की शह पर दोनों नाबालिगों का विवाह संपन्न करा दिया गया। पुलिस ने इस मामले में ग्राम प्रधान सहित कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चाइल्ड हेल्पलाइन के परियोजना समन्वयक अजय कुमार कुशवाहा ने बताया कि 23 जुलाई 2026 को हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 पर सिंगेपुर में बाल विवाह की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही थाना महरौनी पुलिस, जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम गांव पहुंची। टीम ने दोनों बालकों के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्हें विवाह रोकने और सभी संबंधित पक्षों को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। हालांकि, परिजनों और अन्य लोगों ने टीम की समझाइश के बावजूद उग्र होकर सरकारी टीम के साथ अभद्र व्यवहार और वाद-विवाद किया। शिकायत में यह भी आरोप है कि कुछ लोग टीम के साथ मारपीट पर उतारू हो गए। इसी दौरान ग्राम प्रधान की शह पर दोनों नाबालिगों का विवाह जबरन संपन्न करा दिया गया। परियोजना समन्वयक अजय कुमार कुशवाहा की शिकायत पर महरौनी पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को एफआईआर दर्ज की। यह मुकदमा रंजेश कुमार, सज्जे, ग्राम प्रधान सिंगेपुर और अन्य सहयोगियों के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 10 एवं 11 तथा बीएनएस की धारा 132 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।
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ललितपुर में दो बाल विवाह, टीम से अभद्रता:चाइल्ड हेल्पलाइन टीम रोकने पहुंची तो हुई नोक-झोक, प्रधान समेत कई पर FIR