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लखनऊ के इंदिरानगर जैन मंदिर में चल रहे सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन शुक्रवार को चौसठ ऋद्धियों की पूजा-अर्चना की गई। आठ दिवसीय विधान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान के अभिषेक और नवदेवताओं के पूजन से हुई। आचार्य सुबल सागर के सानिध्य में आयोजित विधान में श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा किया। आचार्य सुबल सागर ने कहा कि चौसठ ऋद्धियों के पूजन से रोग, बाधाएं और संकट दूर होते हैं। इससे लौकिक सुख-समृद्धि की भी प्राप्ति होती है। श्रीजिनशासन प्रभावना चातुर्मास समिति के अध्यक्ष संजीव जैन ने बताया कि आचार्य सुबल सागर का उपवास जारी है। वह पूरे दिन में केवल एक बार खड़े होकर जल ग्रहण कर रहे हैं। उन्होंने अन्न, फल समेत सभी प्रकार के आहार का त्याग किया हुआ है। जैन समाज के महामंत्री अभिषेक जैन ने बताया कि सहादतगंज, गुडंबा, गोमती नगर, याहियागंज, चौक, आशियाना, चारबाग और डालीगंज समेत विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।
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इंदिरानगर जैन मंदिर में सिद्धचक्र विधान मनाया गया:चौथे दिन चौसठ ऋद्धियों की पूजा, आचार्य सुबल सागर का उपवास जारी