शिक्षा और मीडिया जगत का लंबा अनुभव:राम मंदिर ट्रस्ट के CEO पद की दौड़ में बीबीएयू के प्रो. गोविंद पाण्डेय, भेजा आवेदन


बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. गोविंद पाण्डेय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद के लिए आवेदन किया है। शिक्षा, मीडिया, फिल्म निर्माण और संस्थागत प्रशासन में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए इस आवेदन को अकादमिक और मीडिया जगत में गंभीरता से देखा जा रहा है। प्रो. पाण्डेय पिछले लगभग 25 वर्षों से पत्रकारिता शिक्षा, संचार अनुसंधान और मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में शिक्षण और शोध के साथ-साथ विभिन्न प्रशासनिक जिम्मेदारियों का भी सफलतापूर्वक निर्वहन किया है। वर्तमान में वे बीबीएयू के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष हैं। मीडिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं विश्वविद्यालय में उन्होंने मीडिया सेंटर के निदेशक, जनसंपर्क निदेशक (प्रभार) सहित मीडिया और संचार से जुड़े कई महत्वपूर्ण दायित्व निभाए हैं।प्रशासनिक दक्षता,पारदर्शी कार्यशैली और संगठनात्मक क्षमता के कारण उन्हें एक कुशल शिक्षाविद् और प्रशासक के रूप में जाना जाता है।माना जा रहा है कि यही अनुभव राम मंदिर ट्रस्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के प्रशासनिक संचालन में भी उपयोगी साबित हो सकता है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विशेष पहचान प्रो. गोविंद पाण्डेय की विशेषज्ञता केवल पत्रकारिता शिक्षा तक सीमित नहीं है।इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, फिल्म निर्माण,मीडिया अध्ययन और विकास संचार के क्षेत्र में उनका व्यापक योगदान रहा है।नई मीडिया तकनीकों,नवाचार और संचार अनुसंधान पर भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है। शिक्षण और शोध के दौरान उन्होंने मीडिया शिक्षा को व्यावहारिक दृष्टिकोण से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उनके निर्देशन में अनेक शोध कार्य पूरे हुए हैं और मीडिया अध्ययन से जुड़े विभिन्न अकादमिक कार्यक्रमों को नई दिशा मिली है। 25 वर्षों का शैक्षणिक और शोध का अनुभव करीब 25 वर्षों के अनुभव के दौरान प्रो. पाण्डेय ने पत्रकारिता एवं जनसंचार शिक्षा को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। मीडिया अध्ययन, संचार अनुसंधान, विकास संचार और फिल्म अध्ययन उनके प्रमुख कार्यक्षेत्र रहे हैं। शोध और अकादमिक गतिविधियों में उनकी निरंतर सक्रियता ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षाविदों में स्थान दिलाया है। उनकी पहचान ऐसे शिक्षक के रूप में भी है, जिन्होंने बदलती मीडिया तकनीकों और समकालीन संचार को शिक्षा और शोध से प्रभावी ढंग से जोड़ा हैं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *