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अयोध्या के कारसेवकपुरम सभागार में सोमवार को विश्व हिन्दू परिषद (VHP) का 62वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में VHP के केंद्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय मुख्य वक्ता रहे। इस दौरान उन्होंने कहा- देश के 15 हजार से ज्यादा संतों ने हिन्दू समाज में जागरूकता पैदा करने का काम किया, जिसका परिणाम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के रूप में सामने आया। चंपत राय ने कहा-हिन्दू समाज को किसी एक परिभाषा, वेशभूषा या पूजा पद्धति तक सीमित नहीं किया जा सकता। त्योहार और उत्सव लोगों को एक सूत्र में जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना के पीछे की सोच बताते हुए कहा कि साल 1964 में जन्माष्टमी के दिन मुंबई स्थित सांदीपनी साधनालय में स्वामी चिन्मयानंद के आश्रम में संगठन की नींव रखी गई थी। 200 साल पहले विदेश ले जाए गए मजदूरों का दिया उदाहरण चंपत राय ने कहा-अंग्रेज बड़ी संख्या में भारतीय समाज के लोगों को पानी के जहाजों से दुनिया के अलग-अलग समुद्री द्वीपों में मजदूरी के लिए ले गए और वहीं छोड़ दिया। ये लोग अपने साथ गोस्वामी तुलसीदास की रामचरितमानस और गीता जैसी धार्मिक पुस्तकें लेकर गए थे। यही परंपरा आज भी उन लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ती है। चंपत राय ने मॉरिशस, त्रिनिडाड, म्यांमार, सूरीनाम और फिजी का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रहने वाले लोग भारत से दूर होने और हिन्दी नहीं जानने के बावजूद खुद को हिन्दू मानते हैं। हिन्दुओं को एक सूत्र में जोड़ने के लिए बना संगठन चंपत राय ने बताया-गुरु गोलवलकर के मन में विश्व के हिन्दुओं को एक सूत्र में जोड़ने के लिए एक गैर-राजनीतिक संगठन बनाने का विचार आया था। इसका उद्देश्य हिन्दू समाज के हित में काम करना था। इसी सोच के साथ 1964 में विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना हुई। संगठन ने हिन्दू समाज में धर्मांतरण रोकने, परावर्तन, छुआछूत जैसी कुरीतियों को दूर करने और समाज को साक्षर, संस्कारवान तथा आर्थिक रूप से सक्षम बनाने को अपने प्रमुख उद्देश्यों में रखा। 75 हजार से ज्यादा गांवों और 25 देशों में किया काम चंपत राय के मुताबिक, विश्व हिन्दू परिषद आज भारत के 75 हजार से ज्यादा गांवों और शहरों के अलावा दुनिया के 25 देशों में वहां के कानूनों का पालन करते हुए काम कर रही है। संगठन के मार्गदर्शन के लिए संतों को प्रमुख भूमिका दी गई है। देशभर में संतों की ओर से जगाई गई जागरूकता का परिणाम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के रूप में दिखाई दे रहा है। दीप प्रज्ज्वलन से शुरू हुआ कार्यक्रम कार्यक्रम की शुरुआत रामवल्लभा कुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास और चंपत राय ने भारत माता तथा राम परिवार के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर की। VHP के केंद्रीय मंत्री हरिशंकर ने कार्यक्रम की विषय अवधारणा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन आचार्य ऋषभ और प्रदीप ने किया। वेद विद्यालय के बटुकों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। इस दौरान स्वामी राजकुमार दास ने कहा- सभी को देश के वैभव और समाज के लिए निरंतर काम करने का संकल्प लेना चाहिए। ये लोग रहे मौजूद कार्यक्रम में महानगर संघ चालक विक्रमा प्रसाद पाण्डेय, कारसेवकपुरम प्रभारी शिवदास सिंह, क्षेत्रीय गो सेवा प्रमुख प्रेमशंकर भारद्वाज, उमेश पोरवाल, वीरेंद्र वर्मा और वेद विद्यालय के सभी आचार्य मौजूद रहे। अब जानिए कौन हैं चंपत राय?
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अयोध्या में चंपत राय बोले-15 हजार संतों ने जगाई अलख:VHP के 62वां स्थापना दिवस में कहा-उसी का परिणाम श्रीराम जन्मभूमि मंदिर