प्रथम चौधरी | गाजियाबाद8 मिनट पहले
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गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा-2026 को सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित बनाने के लिए गुरुवार को जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मॉंदड़ की अध्यक्षता में कविनगर स्थित जानकी भवन सभागार में समन्वय बैठक हुई। बैठक में कांवड़ शिविर संचालकों, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। प्रशासन ने पहली बार शिविर संचालकों के साथ सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने।
जिलाधिकारी ने कहा- कांवड़ यात्रा जनपद का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है, जिसमें लाखों शिवभक्त विभिन्न मार्गों से गुजरते हैं। प्रशासन की प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए।

शिविर संचालकों ने रखीं अपनी मांगें
बैठक में शिविर संचालकों ने शिविर स्थलों के पास मोबाइल शौचालय, गड्ढामुक्त सड़कें और आवश्यक सामग्री लेकर आने वाले वाहनों को अनुमति देने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रशासन ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना है और जिलाधिकारी की कार्यशैली की सराहना की।
प्रशासन ने बताया कि जनपद में कांवड़ यात्रा के लिए 78.5 किलोमीटर लंबे दो मुख्य मार्ग और 81 किलोमीटर लंबे दो सहायक मार्ग चिन्हित किए गए हैं। मुरादनगर गंग नहर (छोटा हरिद्वार) समेत प्रमुख मंदिरों और घाटों पर बैरिकेडिंग, सुरक्षा जाल, रस्सियां, चेतावनी बोर्ड और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
250 अस्पताल अलर्ट, कंट्रोल रूम रहेंगे 24 घंटे सक्रिय
स्वास्थ्य विभाग ने यात्रा को देखते हुए करीब 250 सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है। कांवड़ मार्गों पर मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। सुरक्षा के लिए पुलिस, महिला पुलिस, पीएसी, आरएफ, एनडीआरएफ और सिविल डिफेंस के जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा एक मुख्य और पांच सेक्टर कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित होंगे। प्रशासन ने 11 जोनल, 24 सेक्टर और 108 सब-सेक्टर मजिस्ट्रेट भी तैनात किए हैं।
मांस-मदिरा की दुकानें रहेंगी बंद, QR कोड से होगी शिकायत
यात्रा मार्गों पर 6,970 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में 40 जनरेटर बैकअप के रूप में उपलब्ध रहेंगे। निर्धारित अवधि तक कांवड़ मार्गों पर मांस और मदिरा की दुकानें बंद रहेंगी। खाद्य प्रतिष्ठानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिनके जरिए श्रद्धालु प्रतिष्ठान की जानकारी लेने के साथ शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। वहीं, 25 से 30 जुलाई तक पुलिस लाइन में स्थापित सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से कांवड़ शिविर लगाने की अनुमति दी जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया आसान और त्वरित हो सके।
