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मेरठ में जीएसटी विभाग ने गुरुवार को खैरनगर के दवा व्यापारियों के साथ संवाद कार्यक्रम आयोजित कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में जॉइंट कमिश्नर राज्यकर संजय कुमार सिंह ने कहा कि शासन के निर्देश पर विभाग के अधिकारी विभिन्न व्यापारिक संगठनों के बीच जाकर संवाद कर रहे हैं, ताकि व्यापारियों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा सके। जॉइंट कमिश्नर संजय कुमार सिंह ने बताया कि इससे पहले भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं और अब फिर से अलग-अलग व्यापारिक वर्गों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं जानी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दवा व्यापारियों की ओर से कोई बड़ी समस्या सामने नहीं आई, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। व्यापारियों ने मांग रखी कि शहर के बीच स्थित छोटी दुकानों के कारण उनके गोदाम अलग स्थानों पर हैं। ऐसे में गोदामों को जीएसटी पंजीकरण में स्पष्ट रूप से दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए। इसके अलावा जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए लागू दुर्घटना बीमा योजना में अधिकृत (कॉम्पिटेंट) प्रतिनिधि को भी शामिल करने की मांग की गई। अधिकारियों ने बताया कि व्यापारियों के सुझाव लिखित रूप में प्राप्त होने के बाद शासन को भेजे जाएंगे। वहीं, होलसेल एवं रिटेल कैमिस्ट एसोसिएशन के महामंत्री घनश्याम मित्तल ने कहा कि संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य व्यापारियों और विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने दो प्रमुख मांगें विभाग के समक्ष रखीं। पहली, दुर्घटना बीमा योजना का लाभ अधिकृत प्रतिनिधि को भी मिले। दूसरी, जीएसटी मामलों में चार-पांच साल बाद नोटिस भेजने की बजाय समय पर कार्रवाई की जाए, ताकि छोटी त्रुटियों पर वर्षों बाद ब्याज और पेनाल्टी का बोझ व्यापारियों पर न पड़े। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों और दवा व्यापारियों ने नियमित संवाद बनाए रखने तथा समस्याओं के त्वरित समाधान पर भी जोर दिया।
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मेरठ में दवा व्यापारियों से GST विभाग का संवाद:गोदाम पंजीकरण और बीमा में प्रतिनिधि को शामिल करने की उठी मांग