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चंडीगढ़ के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में मंगलवार रात एक एमबीबीएस फोर्थ ईयर स्टूडेंट ने अस्पताल की छठी मंजिल से छलांग लगाकर सुसाइड किया। घटना से पहले उसने अपने करीबी दोस्तों को एक-एक कर ‘गुडबाय’ का संदेश भेजा था। दोस्तों ने तुरंत फोन किए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। वह छलांग लगा चुका था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। बुधवार को पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका, क्योंकि मृतक के परिवार का कोई सदस्य अस्पताल नहीं पहुंचा था। पुलिस ने बताया कि परिजनों से बात हो गई है और अब वीरवार को पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मोबाइल फोन, मैसेज, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी अपने स्तर पर पूरे मामले की जांच शुरू करने का फैसला लिया है। प्रशासन यह पता लगाएगा कि आखिर मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों में बढ़ते तनाव और आत्महत्या जैसी घटनाओं के पीछे क्या कारण हैं। जानिए क्या है पूरा मामला… मोबाइल और डिजिटल सबूतों की जांच शुरू
पुलिस ने करण का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर मैसेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अस्पताल आने से पहले उसने घर की खिड़की पर क्या लिखा था। वहीं, अस्पताल की पार्किंग में खड़ी उसकी कार भी जांच का हिस्सा बनाई गई है। 2 महीने पहले भी हुई थी डॉक्टर की मौत
करीब दो महीने पहले भी जीएमसीएच-32 में जनरल मेडिसिन विभाग के 24 वर्षीय जूनियर रेजिडेंट डॉ. योगेश की मौत हुई थी। वह ट्रॉमा सेंटर के शौचालय में बेसुध मिले थे। मौके से पोटेशियम क्लोराइड के इंजेक्शन मिलने के बाद पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच शुरू की थी। पुलिस बोली- पढ़ाई के दबाव में था
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि करण पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव और मेडिकल की पढ़ाई के दबाव में था। परिजनों और दोस्तों के अनुसार, उसने कुछ दिन पहले अपनी मां से पढ़ाई छोड़ने की इच्छा भी जताई थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के वास्तविक कारणों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही होगा।
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दोस्तों को 'गुडबाय' मैसेज भेज MBBS स्टूडेंट का सुसाइड:चंडीगढ़ में बिल्डिंग की 6वीं मंजिल से कूदा, मां-बाप डॉक्टर; पुलिस बोली- प्रेशर में था