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सिद्धार्थनगर के जगदीशपुर में जमीन विवाद को लेकर रामशंकर की हत्या के बाद करीब छह महीने पुराना एक वीडियो सामने आया है। फरवरी 2026 के बताए जा रहे इस वीडियो में रामशंकर की बहन सरोज तत्कालीन थाना प्रभारी के सामने अपने घर पर फायरिंग और ईंट-पत्थर चलाए जाने की शिकायत करती नजर आ रही हैं। वह पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रही हैं, जबकि थाना प्रभारी दोनों पक्षों को विवाद से दूर रहने की सलाह देते दिख रहे हैं। इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, छह महीने बाद उसी जमीन विवाद में रामशंकर की हत्या और सरोज के गोली लगने से घायल होने के बाद यह वीडियो मामले की पुरानी कड़ी को जोड़ने वाला अहम तथ्य बन गया है। पुलिस ने हत्याकांड में मुख्य आरोपी अकुल दुबे समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फरवरी में पुलिस के सामने फायरिंग की शिकायत सामने आए वीडियो को फरवरी 2026 का बताया जा रहा है। इसमें सरोज तत्कालीन थाना प्रभारी से अपने घर पर फायरिंग और ईंट-पत्थर चलाए जाने की शिकायत करती दिखाई दे रही हैं। वह मामले में कार्रवाई की मांग कर रही हैं। वीडियो में थाना प्रभारी दोनों पक्षों को विवाद से बचने की सलाह देते नजर आ रहे हैं। उस समय विवाद किस स्तर तक पहुंचा था और पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी, यह अब जांच का अहम हिस्सा बन गया है। छह सितंबर को उसी जमीन पर फिर भिड़े दोनों पक्ष छह सितंबर की सुबह जगदीशपुर में उसी जमीन को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। परिवार के मुताबिक, जमीन को लेकर कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। सड़क निर्माण को लेकर विवाद शुरू हुआ था। परिवार का आरोप है कि सड़क बनाने का विरोध करने पर पहले कहासुनी हुई और फिर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। रामशंकर के भांजे सागर रस्तोगी के मुताबिक, सरोज मौके पर विरोध कर रही थीं। आरोप है कि उनके साथ मारपीट की गई। रामशंकर जब अपनी बहन को बचाने पहुंचे तो विवाद और बढ़ गया। चार मीटर घसीटकर बरामदे में ले जाने का आरोप परिवार के मुताबिक, विवाद के दौरान रामशंकर को पकड़कर करीब चार मीटर तक घसीटते हुए दूसरे पक्ष के घर के बरामदे में ले जाया गया। आरोप है कि वहीं उनके सीने में गोली मार दी गई। गोली लगने से रामशंकर की मौत हो गई। घटना में सरोज भी गंभीर रूप से घायल हुईं। उनके सिर के किनारे से गोली लगी है। उनका इलाज अभी माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस तरह फरवरी में जिस सरोज को पुलिस के सामने पुराने विवाद और फायरिंग की शिकायत करते देखा गया था, वही छह महीने बाद हुई हिंसा में घायल होकर अस्पताल में भर्ती हैं। 6 आरोपी जेल में, लाइसेंसी बंदूक बरामद पुलिस ने घटना के अगले दिन सात सितंबर को छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें जयप्रकाश धर दुबे उर्फ अकुल दुबे, रितिक पाण्डेय, बंश गोपाल धर दूबे, इन्द्रासनी दुबे, मानसी दुबे और कविता दुबे शामिल हैं। अकुल दुबे को मुख्य आरोपी बताया गया है। इन्द्रासनी दुबे उसकी मां हैं। सभी छह आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर एक लाइसेंसी एसबीबीएल बंदूक, चार जिंदा कारतूस, लकड़ी का बेसबॉल बैट और कुदाल का लकड़ी का हत्था बरामद किया गया। खास बात यह है कि बरामद लाइसेंसी बंदूक इन्द्रासनी दुबे के नाम पर दर्ज है और वह भी गिरफ्तार होकर जेल जा चुकी हैं। अब जांच में यह पता करना अहम होगा कि घटना के समय बंदूक किसके कब्जे में थी और उससे फायरिंग किसने की। किराएदार और पड़ोसी की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस के मुताबिक, महेंद्र पाण्डेय और उसका परिवार अकुल दुबे के यहां किराएदार बताया जाता है, जबकि शिवेंद्र सिंह को पड़ोसी बताया गया है। पुलिस अब घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। केवल किराएदार या पड़ोसी होना किसी व्यक्ति के अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। अंतिम संस्कार को लेकर भी परिवार ने किया था विरोध हत्या के बाद रविवार रात करीब आठ बजे परिवार ने कार्रवाई होने तक रामशंकर का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। परिवार कार्रवाई की मांग पर अड़ा रहा। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार दोपहर रामशंकर का अंतिम संस्कार ककराही घाट पर किया गया। दूसरी ओर सरोज का इलाज अभी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। छह महीने में विवाद कितना बढ़ा, जांच में खुलेगा राज अब छह महीने पुराना वीडियो इस हत्याकांड की सबसे अहम कड़ियों में शामिल हो गया है। फरवरी में सरोज पुलिस के सामने घर पर फायरिंग की शिकायत करती दिख रही हैं और सितंबर में उसी विवाद के बाद रामशंकर की गोली मारकर हत्या हो जाती है, जबकि सरोज भी घायल हो जाती हैं। जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि फरवरी की शिकायत के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति क्या रही, छह सितंबर को सड़क निर्माण को लेकर विवाद अचानक इतना हिंसक कैसे हुआ और घटना के समय गिरफ्तार किए गए प्रत्येक आरोपी की वास्तविक भूमिका क्या थी। इन्हीं सवालों के जवाब मिलने के बाद हत्याकांड की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
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छह महीने पुराना वीडियो खोल रहा हत्या की पुरानी कड़ी:फरवरी में बहन ने पुलिस से की थी फायरिंग की शिकायत, 6 आरोपी जेल भेजे