![]()
प्रयागराज के धूमनगंज में रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में नामजद माफिया अतीक अहमद के शूटर रहे जुल्फिकार उर्फ तोता को जमानत मिल गई है। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान धनराशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्ष से न्यायिक हिरासत में निरुद्ध है।
क्या है पूरा मामला
धूमनगंज थाने में 2023 में दर्ज मुकदमा के अनुसार वादी मोहम्मद परवेज ने आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2023 की रात वह अपनी बहन के घर से लौट रहा था। रास्ते में अकरम अली, आजम अली, असलम अली और फैजान ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने क्षेत्र में रहने और कारोबार करने के एवज में 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। विरोध करने पर फैजान ने कट्टा पेट पर सटाकर जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद भयवश वादी ने अपनी जेब में रखे 50 हजार रुपये उन्हें दे दिए। बाकी रकम 24 घंटे के भीतर देने की धमकी भी दी गई। इस मामले की एफआईआर 6 जुलाई 2023 को दर्ज कराई गई थी।
बचाव पक्ष ने क्या दलील दी
जुल्फिकार उर्फ तोता की ओर से अदालत में कहा गया कि उसे रंजिशन फंसाया गया है। घटना के समय वह न्यायिक हिरासत में था, इसलिए मौके पर उसकी मौजूदगी का सवाल ही नहीं उठता। एफआईआर में उसके खिलाफ केवल इतना आरोप है कि घटना उसके कहने पर हुई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उसने क्या निर्देश दिया था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि एफआईआर करीब ढाई महीने की देरी से दर्ज हुई और देरी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया। साथ ही सहआरोपी अकरम अली को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इन शर्तों पर मिली जमानत
अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो विश्वसनीय जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही शर्त लगाई है कि वह नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में उपस्थित रहेगा, किसी गवाह को प्रभावित करने या धमकाने का प्रयास नहीं करेगा, साक्ष्य के दौरान अनावश्यक स्थगन नहीं मांगेगा और अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेगा। शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
Source link