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कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र के महावीर नगर स्थित काली मठिया मंदिर के सोमवार को दोपहर करीब तीन बजे सरकारी जमीन पर अवैध तरीके से बन रही मजार को कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मौके पर दोनों समुदायों के लोग मौजूद रहे और कुछ देर के लिए कहासुनी भी हुई, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सूझबूझ से स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही। सरकारी जमीन पर हो रहा था मजार का निर्माण पनकी महावीर नगर में काली मठिया मंदिर के पास स्थित खाली जमीन पर वाल्मीकि समाज और मुस्लिम समाज दोनों अपना-अपना दावा करते हैं। करीब ढाई वर्ष पहले क्षेत्र निवासी बशारत ने अपने भाई अब्दुल सत्तार के निधन के बाद वहां कब्र बनाई थी। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से उसी कब्र को मजार का स्वरूप देकर स्थायी निर्माण कराया जा रहा था। इसकी जानकारी मिलने पर रविवार को बजरंग दल के नगर महासंयोजक नरेश तोमर अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और सरकारी भूमि पर हो रहे निर्माण का विरोध जताया। सूचना पर पहुंची पनकी पुलिस ने मौके की जांच कर दोनों पक्षों को शांत कराया।सोमवार दोपहर एक बार फिर बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और अवैध निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति को देखते हुए पनकी इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान दोनों पक्षों के लोगों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, लेकिन पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर मामला शांत करा दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नायब तहसीलदार, केडीए और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने भूमि की पैमाइश कराई, जिसमें संबंधित निर्माण केडीए की सरकारी भूमि पर पाया गया। इसके बाद केडीए के दस्ते ने जेसीबी की मदद से मजार का निर्माणाधीन ढांचा, गेट और बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। क्या बोल एसीपी पनकी
पनकी एसीपी अमित चौरसिया ने बताया कि केडीए द्वारा अपनी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को हटाया गया है। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य रही और मौके पर यथास्थिति बनाए रखी गई। पुलिस क्षेत्र में लगातार निगरानी बनाए हुए है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
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