अमेरिका से 18 हजार भारतीय डिपोर्ट होंगे:अपील, दलील या वकील करने का मौका नहीं; ट्रम्प सरकार ने 2025 में भारतीयों को हथकड़ी-बेड़ियां पहनाकर भेजा था


अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डिपोर्टेशन का बड़ा अभियान छेड़ने की तैयारी कर ली है। अमेरिका में 18 हजार अनडॉक्युमेंटेड (बिना दस्तावेज) भारतीय निशाने पर आ गए हैं। इस बार भी ट्रम्प प्रशासन डिपोर्टेशन के लिए सैन्य विमानों के इस्तेमाल की तैयारी में है, जो उनकी सख्त इमिग्रेशन नीति की सबसे चर्चित तस्वीर बन चुका है। अनडॉक्युमेंटेड भारतीयों को न अपील, न दलील और न ही वकील करने का मौका मिलेगा। ट्रम्प की आईसीई (इमिग्रेशन कस्टम्स एंड एनफोर्समेंट) की टीमें लगातार छापे मार रही हैं। भास्कर ने अमेरिका के 4 शहरों- न्यूयॉर्क, टेक्सास, कैलिफोर्निया और न्यूजर्सी—से ग्राउंड रिपोर्ट की। इसमें सामने आया कि डिपोर्टेशन अभियान ने बिना दस्तावेज वाले भारतीयों की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। डिटेंशन सेंटर में बंद लोगों के साथ दुर्व्यवहार की कहानियां भी सामने आईं। डिपोर्टेशन के लिए दो नए डिटेंशन सेंटर तैयार ट्रम्प प्रशासन ने डिपोर्ट किए जाने वाले प्रवासियों को रखने के लिए एल पासो में एक और कैलिफोर्निया में दो वेयरहाउस खरीदे हैं। इन पर करीब 16,500 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इन्हें डिटेंशन सेंटर में बदलकर आईसीई को सौंप दिया गया है। यहां करीब 12 हजार प्रवासियों को रखा जा रहा है। वकील बोले- पहले सुनवाई होती थी, अब सीधे डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा न्यूयॉर्क के इमिग्रेशन अटॉर्नी ग्रेग सिस्किंड कहते हैं, “मैं 30 साल से प्रवासियों के केस लड़ता रहा हूं। बिना दस्तावेज वाले किसी भी प्रवासी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलता है, लेकिन अब आईसीई के छापों के बाद लोगों को सीधे डिटेंशन सेंटर भेजा जा रहा है।” उनका कहना है कि अमेरिका में संघीय व्यवस्था के कारण हर राज्य में मानवाधिकारों से जुड़े अलग-अलग कानून हैं, लेकिन आईसीई किसी भी राज्य में जाकर कार्रवाई कर रही है। 2025 में 3,567 भारतीय अमेरिका से डिपोर्ट हुए थे 2025 में अमेरिका ने 3,567 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया था। यह जानकारी भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने जून 2026 में दी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि 2026 में जून तक 1,076 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया है। 5 फरवरी 2025 को अमेरिकी सैन्य विमान 104 भारतीयों को अमृतसर लेकर पहुंचा। यह पहली बार था जब ट्रम्प प्रशासन ने भारत में डिपोर्टेशन के लिए मिलिट्री विमान का इस्तेमाल किया। डिपोर्ट किए गए कई भारतीयों को यात्रा के दौरान हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां लगाई गई थीं।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *