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रामपुर की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह ने आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर पहली बार सार्वजनिक बयान दिया है। शुक्रवार दोपहर उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला उप लोकायुक्त में विचाराधीन है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि वह शिकायतकर्ता को नहीं जानती हैं। उन्होंने लोकायुक्त की निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा जताया और कहा कि जांच पूरी होने से पहले टिप्पणी करना उचित नहीं होगा। सीएमओ ने एसबीआई के शाखा प्रबंधक पर उनके निजी बैंक खाते की जानकारी गलत तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे अपनी निजता का उल्लंघन बताते हुए बैंक प्रबंधन को पत्र लिखकर आपत्ति दर्ज कराई है। डॉ. सिंह के अनुसार, किसी भी ग्राहक के निजी बैंक खाते की जानकारी बिना वैधानिक प्रक्रिया के साझा नहीं की जानी चाहिए। डॉ. दीपा सिंह ने स्पष्ट किया कि उनका वेतन खाता पहले बरेली स्थित एसबीआई शाखा में था, जिसे रामपुर स्थानांतरण के बाद एसबीआई की रामपुर शाखा में स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने स्वीकार किया कि खाते से जुड़ी जो जानकारी सार्वजनिक हुई है, वह सही हो सकती है, लेकिन उसे उपलब्ध कराने का तरीका गलत है। आय से अधिक संपत्ति के आरोपों पर डॉ. सिंह ने कहा कि उनकी एक बेटी है और हर माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए वैध आय से बचत करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई खर्च करने के बजाय बचाकर रखी है, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है। फिलहाल, यह पूरा मामला लोकायुक्त की जांच के दायरे में है और सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
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सीएमओ दीपा सिंह ने आय से अधिक संपत्ति के आरोप:लोकायुक्त जांच पर जताया भरोसा, कहा- सच सामने आएगा