KGMU ट्रॉमा सेंटर में घायल युवक का इलाज करने वाली डॉक्टरों की टीम।
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर के डॉक्टरों ने बेहद जटिल और दुर्लभ सर्जरी कर 23 वर्षीय युवक को नया जीवन दिया है। निर्माणाधीन इमारत से गिरने के बाद युवक के शरीर में चार लोहे की सरियां आर-पार हो गई थीं।
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हादसे में फेफड़ा, डायफ्राम, आमाशय, छोटी आंत, प्लीहा और मूत्राशय समेत कई महत्वपूर्ण अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया और कई घंटे चली सर्जरी के बाद उसकी जान बचा ली। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज का इलाज KGMU और चंद्रानी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट की मदद से निशुल्क किया गया।

इस कंडीशन में ट्रॉमा सेंटर लाया गया था घायल युवक
कंस्ट्रक्शन साइट पर हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक फर्रुखाबाद के अमृतपुर निवासी उमेश 13 जुलाई को लखनऊ के बादशाह नगर स्थित एक निर्माणाधीन इमारत पर काम कर रहे थे। इसी दौरान वह ऊंचाई से गिरकर लोहे की सरियों पर जा गिरे। चार सरियां शरीर में घुसकर पेट और सीने तक पहुंच गईं। स्थानीय लोगों ने सरियों को काटकर उसी हालत में उन्हें KGMU ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
पहले मरीज को किया स्टेबल
ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर मरीज का रक्तचाप लगातार गिर रहा था और शरीर से भारी रक्तस्राव हो रहा था। जांच में पता चला कि एक सरिया बाएं फेफड़े को भेद चुकी थी, जबकि अन्य सरियों से छोटी आंत, आमाशय, प्लीहा, मूत्राशय और डायफ्राम गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे। फेफड़े में हवा भर जाने (न्यूमोथोरैक्स) की स्थिति बनने पर डॉक्टरों ने पहले चेस्ट ड्रेन डालकर मरीज को स्थिर किया।
सर्जरी के दौरान अचानक गिरा बीपी
प्रो. डॉ. समीर मिश्रा और डॉ. नरेंद्र कुमार की अगुवाई में ट्रॉमा सर्जरी टीम ने ऑपरेशन शुरू किया। सर्जरी के दौरान एक सरिया निकालते समय मरीज का रक्तचाप अचानक तेजी से गिर गया। ट्रॉमा, एनेस्थीसिया और अन्य विशेषज्ञों की टीम ने तुरंत स्थिति संभाली और मरीज को स्थिर किया। इसके बाद डॉक्टरों ने चारों सरियों को सावधानीपूर्वक निकाला और मूत्राशय के तीन छेद, छोटी आंत के कई हिस्सों, आमाशय, डायफ्राम और प्लीहा की सफल मरम्मत की।

सर्जरी के बाद ICU में भर्ती युवक
7 यूनिट ब्लड और प्लाज्मा चढ़ाकर बचाई जान
ऑपरेशन के दौरान मरीज को तीन यूनिट पैक्ड रेड ब्लड सेल (PRBC) और चार यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (FFP) चढ़ाया गया। सफल सर्जरी के बाद मरीज को ICU में भर्ती किया गया। डॉक्टरों के अनुसार अब उसका ब्लड प्रेशर, नाड़ी और ऑक्सीजन स्तर सामान्य हैं और उसकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है।