बिहार- ट्रेन में शूटर से कराया इंजीनियर पति का मर्डर:अफसर पत्नी ने शादी के बाद ही बॉयफ्रेंड के साथ प्लानिंग शुरू कर दी थी


सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर पत्नी ने चलती ट्रेन में अपने इंजीनियर पति देव कुमार गुंजन की हत्या करवाई। इस वारदात में महिला का बॉयफ्रेंड भी शामिल था। दोनों ने मिलकर 4 लाख में मर्डर की सुपारी दी थी। 8 साल पहले 2018 में दोनों की शादी हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि शादी के दूसरे दिन से ही अस्मिता पति को रास्ते से हटाने की प्लानिंग में थी। कटिहार रेल पुलिस ने 34 दिन पहले 11 जून को जनसाधारण एक्सप्रेस में हुई हत्या का खुलासा किया है। हत्या के बाद इसे लूटपाट साबित करने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने इस मामले में पत्नी अस्मिता कुमारी, बॉयफ्रेंड अजीत कुमार और शूटर राजू कुमार उर्फ धीरज को गिरफ्तार कर लिया है। पति-पत्नी और प्रेमी ने एकसाथ, एक ऑफिस से अपना करियर शुरू किया, जो चलती ट्रेन में फायरिंग और अब गिरफ्तारी पर जाकर खत्म हुआ। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करवाई… पत्नी से मिलने जा रहे थे, फिर नहीं लौटे 11 जून को देव कुमार गुंजन जमुई से जनसाधारण एक्सप्रेस लेकर अपनी पत्नी से मिलने सुपौल जा रहे थे। इसी दौरान गुरुवार रात करीब 8:30 बजे मानसी स्टेशन और बदलाघाट रेलवे स्टेशन के बीच शूटर ने वारदात को अंजाम दिया। गोली लगने के बाद देव ट्रेन की फर्श पर गिर पड़े। इतने में बदमाश भी वहां से भाग निकले। यात्रियों ने इसकी सूचना रेल पुलिस को दी। रेल पुलिस ने ट्रेन को बदलाघाट स्टेशन पर रुकवा दिया। पुलिस देव कुमार गुंजन को आनन-फानन में खगड़िया सदर अस्पताल ले गई। उसके बाद देव को बेगूसरायर रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। देव कुमार मूल रूप से झारखंड के गोड्डा के रहने वाले थे। वे जमुई के मलयपुर पावर ग्रिड में ग्रेड-वन टेक्नीशियन के पद पर थे। उनकी पत्नी अस्मिता कुमारी सुपौल में मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (MVI) है। बॉयफ्रेंड भी ग्रेड-वन टेक्नीशियन की पोस्ट पर है। पत्नी ने कहा- लूटपाट के विरोध में हत्या हुई पति देव कुमार गुंजन की मौत के बाद पत्नी अस्मिता कुमारी सबसे ज्यादा सदमे में दिख रही थीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके पति ट्रेन में लूटपाट का विरोध करने पर मारे गए हैं। पुलिस की शुरुआती जांच भी इसी दिशा में आगे बढ़ी, लेकिन कई ऐसे सवाल थे जिनके जवाब पुलिस को नहीं मिल रहे थे। आखिर लुटेरों ने सिर्फ गोली क्यों मारी? क्या यह सिर्फ लूट थी या इसके पीछे कोई और वजह छिपी थी? इन्हीं सवालों ने जांच का एंगल बदल दिया। एक साल में 186 बार अस्मिता ने अजीत को कॉल किया देव कुमार गुंजन के मोबाइल फोन की जब फोरेंसिक जांच हुई तो पुलिस को एक नंबर मिला, जो कमीना नाम से सेव था। उस नंबर की कॉल डिटेल और चैट रिकॉर्ड खंगालने पर कई चौंकाने वाले फैक्ट सामने आए। पिछले एक साल में अस्मिता और उस नंबर के बीच 186 बार बातचीत हुई थी। घटना वाले दिन सुबह 3 बजे से लेकर वारदात तक दोनों के बीच लगातार कई बार व्हाट्सएप कॉल पर बात हुई थी। वारदात के तुरंत बाद अस्मिता ने आंसू बहाते हुए पुलिस के सामने लूटपाट के दौरान पति को गोली मारे जाने की कहानी गढ़ी थी। लेकिन, प्रेमी जोड़े ने तीन बड़ी गलतियां की, जिसने पूरी साजिश की कड़ियों को आपस में जोड़ा। रेल SP बोले- कॉल डिटेल्स ने खोले राज रेल SP हरिशंकर कुमार ने बताया, शुरुआती जांच में कई ऐसे फैक्ट सामने आए, जिसके कारण पुलिस को लूट की कहानी पर शक हुआ। इसके बाद SIT का गठन किया गया। SIT ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, तकनीकी सबूत के आधार पर पूरे मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू की। देव कुमार के फोन से मिले अजीत के नंबर और उनकी पत्नी के बीच हुई बातचीत ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया। जांच में सामने आया कि यह हत्या लूटपाट का विरोध करने पर नहीं बल्कि प्रेम-प्रसंग और अवैध संबंध के कारण कराई गई थी। 4 लाख में डील, 1.6 लाख एडवांस दिए पुलिस के अनुसार, पति की हत्या के लिए जहानाबाद के घोसी निवासी राजू कुमार उर्फ धीरज को सुपारी दी गई। करीब चार लाख रुपए में हत्या की डील हुई। सुपारी की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करने की जगह प्रेमी अजीत कुमार ने शूटर तक पहुंचाई। ताकि कोई सुराग न बचे। शूटर को एडवांस के रूप में .60 लाख दिए गए। अजीत ने शूटर की तलाश की थी। शूटर ने हत्या से पहले तीन बार ट्रेन में सफर कर रहे देवकुमार की आनेजाने की टाइमिंग को लेकर रेकी की थी। अजीत ने उसे देव की फोटो दी, जबकि अस्मिता लगातार लोकेशन और यात्रा की जानकारी व्हाट्सएप कॉल के जरिए देती रही।
अब जानिए अस्मिता और अजीत की प्रेम कहानी एक ऑफिस में तीनों ने एकसाथ काम शुरू किया था साल 2017 अस्मिता कुमारी, देव कुमार गुंजन और अजीत कुमार ने एक साथ बिजली विभाग से अपना करियर शुरू किया था। तीनों ने एक ही विभाग में जॉइन किया। 9 साल पहले सभी ग्रेड-वन टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। दफ्तर में रोज मुलाकात होती थी, साथ काम, बातचीत और एक-दूसरे को समझने का सिलसिला चलता रहा। एक साल बाद 2018 में देव कुमार गुंजन और अस्मिता कुमारी ने शादी कर ली। पहले सब सामान्य था, कुछ साल बाद उनके घर एक बेटी का जन्म हुआ। शादी के बाद करीब आए अजीत-अस्मिता बाद में अजीत कुमार का तबादला नालंदा के करायपरसुराय हो गया, जबकि देवकुमार गुंजन की पोस्टिंग जमुई के मलयपुर में हुई। इसके बाद साल 2023 में अस्मिता का बिहार सरकार में मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) के पद पर सेलेक्शन हुआ। उसकी पोस्टिंग सुपौल में हुई। इसी दौरान अजीत कुमार से अस्मिता की नजदीकियां बढ़ीं। शादी के बाद भी अस्मिता और अजीत के बीच संबंध बने रहे। दोनों के रिश्ते में देवकुमार बाधा बन रहे थे। इसी कारण दोनों ने उन्हें रास्ते से हटाने का फैसला किया। ———– इसे भी पढ़िएः BDO-लेडी SI की प्रेम कहानी के बीच पति-पत्नी का ऑडियो:अमृता बोली- मैंने जहर खा लिया, BPSC अफसर बोला- ऐसा मत करो, किसी को भेजता हूं BDO मनोज कुमार और उनकी गर्लफ्रेंड दरोगा अन्नू कुमारी की प्रेम कहानी के बीच 2 ऑडियो सामने आए हैं। दरभंगा के जाले के BDO मनोज की बहन पूजा ने 1 मिनट 29 सेकेंड और 7 मिनट का ऑडियो भास्कर को उपलब्ध कराया है। पूजा का दावा किया- ‘पहले ऑडियो में मेरी भाभी अमृता खुद जहर खाने की बात कह रही है। ऑडियो में मेरा भाई मनोज रो रहा है और कह रहा है कि मैं किसी पड़ोसी को भेज रहा हूं, जो तुम्हें डॉक्टर के पास ले जाएगा।’ वहीं, दूसरा ऑडियो 7 जुलाई से 15 दिन पहले का है। इसमें मनोज और उनकी पत्नी के भाई राजकुमार के बीच बातचीत हो रही है। ऑडियो में मनोज कह रहे हैं- ‘अमृता की तबीयत ठीक नहीं है, उसे साइकोलॉजिस्ट के पास ले जाना होगा।’ पूरी खबर पढ़िए

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