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रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बुधवार देर रात लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर यह आम रास्ता है का बोर्ड लगा दिया। इससे विश्वविद्यालय के मुख्य गेट और सार्वजनिक मार्ग को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय को लेकर प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार रात लोक निर्माण विभाग (PWD) ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर “यह आम रास्ता है” का बोर्ड लगाकर स्पष्ट कर दिया कि यह मार्ग सार्वजनिक उपयोग के लिए है। जानकारी के अनुसार, 2016-17 में इस सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करीब 11.16 करोड़ रुपए की लागत से कराया गया था। बोर्ड लगाए जाने के बाद स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा शुरू हो गई कि लंबे समय से विवादों में रही इस सड़क पर अब आम लोगों के आवागमन का रास्ता खुल सकता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बनने के बाद करीब 20 वर्षों से इस मार्ग पर आम लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि, पीडब्ल्यूडी की ओर से बोर्ड लगाए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय का मुख्य गेट फिलहाल बंद है और वहां सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। ऐसे में इस रास्ते पर लोगों की आवाजाही अभी शुरू नहीं हो सकी है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या भविष्य में विश्वविद्यालय का मुख्य द्वार आम जनता के लिए स्थायी रूप से खोला जाएगा। फिलहाल इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई लगातार तेज हुई है। बुधवार शाम करीब 7:30 बजे बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्मित 38 भवनों पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया था। इसके करीब तीन घंटे बाद विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर “यह आम रास्ता है” का बोर्ड लगाया गया। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों में प्रशासन के सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है। अब जिलेभर की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और सार्वजनिक मार्ग को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।
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PWD ने जौहर विश्वविद्यालय गेट पर आम रास्ता बोर्ड लगाया:आजम खान को झटका, अब गेट खुलने पर निगाहें; प्रशासन की कार्रवाई तेज