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गंदगी के बीच मोमोज तैयार कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। कानपुर में जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की टीम ने रावतपुर और साकेत नगर में कार्रवाई करते हुए तीन मोमोज बनाने कारखानों को बंद करा दिया। जांच के दौरान करीब 115 किलो संदिग्ध चटनी नष्ट कराई गई, जबकि मसवानपुर में ठेलों पर बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनी भी मौके पर नष्ट करा दी गई। एफएसडीए ने सभी प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पहली निर्माणशाला में 40 किलो चटनी नष्ट
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले केशव नगर, रावतपुर गांव स्थित आकाश मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया। यहां परिसर में भारी गंदगी मिली और मोमोज के साथ परोसी जाने वाली चटनी भी अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी मिली। टीम ने चटनी का नमूना जांच के लिए लिया और करीब 40 किलो चटनी नगर निगम के वेस्ट डिस्पोजल यार्ड में नष्ट करा दी। कमियां दूर होने तक प्रतिष्ठान बंद रखने के निर्देश दिए गए। बिना पंजीकरण चल रही थी दूसरी फैक्ट्री
इसके बाद टीम ने रावतपुर गांव स्थित श्री बालाजी मोमोज निर्माणशाला पर छापा मारा। यहां खाद्य कारोबार का आवश्यक पंजीकरण नहीं मिला। परिसर में गंदगी के साथ रंगीन चटनी भी संदिग्ध हालत में रखी मिली। विभाग ने मोमोज और चटनी के नमूने लिए तथा करीब 45 किलो चटनी नष्ट करा दी। खाद्य पंजीकरण और साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी होने तक संचालन बंद रखने के निर्देश दिए गए। साकेत नगर में भी मिली गंदगी
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रश्मि प्रभा ने साकेत नगर स्थित एक मोमोज निर्माणशाला का निरीक्षण किया। यहां भी निर्माण स्थल गंदा मिला और चटनी अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी मिली। टीम ने चटनी का नमूना लेकर करीब 30 किलो चटनी नष्ट कराई और प्रतिष्ठान का संचालन बंद करा दिया। ठेलों से रंगीन चटनी और फिंगर चिप्स हटवाए
अभियान के तीसरे चरण में मसवानपुर क्षेत्र में मोमोज बेचने वाले ठेलों की जांच की गई। यहां बिक रहे रंगीन फिंगर चिप्स और रंगीन चटनी स्वच्छता मानकों के अनुरूप नहीं मिली। टीम ने इन्हें मौके पर ही नष्ट कराया और विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने की चेतावनी दी। जांच रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
एफएसडीए ने सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेज दिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत संबंधित कारोबारियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने कहा कि जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अस्वच्छ परिस्थितियों में खाद्य पदार्थ बनाने या बेचने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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मोमोज फैक्ट्रियों पर एफएसडीए का छापा:3 यूनिट बंद, 115 किलो संदिग्ध चटनी नष्ट; गंदगी में हो रहा था निर्माण, अधिकारी बोले- कार्रवाई जारी रहेगी