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चित्रकूट के मानिकपुर थाना क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर मजदूरी मांगने को लेकर कथित मारपीट में घायल दलित आदिवासी कोल युवक की जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने भट्ठा संचालकों पर बेरहमी से पिटाई करने, पुलिस पर शिकायत न सुनने और अस्पताल के एक डॉक्टर पर अमानवीय व्यवहार का आरोप लगाया है। मामले में परिजन हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजनों के मुताबिक, घायल युवक को लेकर वे न्याय की उम्मीद में मानिकपुर थाने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उन्हें वापस लौटा दिया गया। इसके बाद युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। मृतक के परिजनों ने जिला अस्पताल के एक डॉक्टर पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि युवक का पैर काम नहीं कर रहा था। पैर की हरकत जांचने के नाम पर डॉक्टर ने कथित तौर पर लाइटर से उसका पैर जला दिया, जिससे उसकी हालत और बिगड़ गई। इलाज के दौरान बुधवार रात करीब 10 बजे युवक ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई करती और अस्पताल में संवेदनशीलता के साथ इलाज मिलता तो युवक की जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने भट्ठा संचालकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने, शिकायत पर कार्रवाई न करने वाले पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच कराने और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, अभी तक पुलिस या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मानिकपुर थाना प्रभारी अजीत पांडे से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
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मजदूरी मांगने पर दलित युवक की पिटाई का आरोप:चित्रकूट में इलाज के दौरान मौत, परिजनों हत्या का केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की