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संभल के जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अंकित खण्डेलवाल ने जनपद में संचालित कोचिंग संस्थानों के संबंध में समीक्षा बैठक की। उन्होंने कोचिंग संस्थानों के कम पंजीकरण पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर सभी संस्थानों का सत्यापन कराया जाए और उनके पंजीकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। यह बैठक शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक चली। जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेश कुमार ने बताया कि जनपद में पूर्व में 12 कोचिंग संस्थान पंजीकृत थे, जबकि वर्तमान में 10 कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण प्रभावी है। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनपद में केवल पंजीकृत कोचिंग संस्थान ही संचालित हों। फायर एनओसी के संबंध में उन्होंने कहा कि हाल ही में किए गए निरीक्षणों के आधार पर अग्निशमन अधिकारी से सूची प्राप्त कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक कोचिंग संस्थान में सुरक्षित प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था होना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की जाए। डीएम ने प्रत्येक कोचिंग संस्थान में पार्किंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया और कहा कि बिना पार्किंग व्यवस्था वाले किसी भी कोचिंग संस्थान का संचालन न होने दिया जाए। जनपद में संचालित अपंजीकृत कोचिंग संस्थानों को 15 दिन का अंतिम अवसर दिया जा रहा है। इस अवधि में सभी संस्थान निर्धारित मानकों की पूर्ति करते हुए अपना पंजीकरण अनिवार्य रूप से करा लें। इसके उपरांत यदि कोई कोचिंग संस्थान बिना पंजीकरण के संचालित पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिन कोचिंग संस्थानों का हाल ही में निरीक्षण किया गया था और जिनमें निर्धारित मानक पूर्ण नहीं पाए गए थे, वे सभी संस्थान शीघ्र ही आवश्यक मानकों की पूर्ति सुनिश्चित करें, अन्यथा उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, प्रत्येक पंजीकृत कोचिंग संस्थान अपनी पंजीकरण संख्या को प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना भी सुनिश्चित करे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गोरखनाथ भट्ट, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक, जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेश कुमार और संगीता भार्गव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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संभल में कोचिंग संस्थानों पर DM सख्त:15 दिन में पंजीकरण नहीं कराया तो कार्रवाई, संचालकों को अल्टीमेटम