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बागपत में भारतीय किसान यूनियन (स्वतंत्रता संग्राम) के भारत बचाओ मोर्चा ने भारत-अमेरिका प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का विरोध किया है। संगठन ने प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें समझौते को रद्द करने की मांग की गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी कादिर प्रधान के नेतृत्व में किसानों ने कहा कि यह समझौता देश के किसानों, खेत मजदूरों, पशुपालकों, छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों के हितों के प्रतिकूल है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि यदि एफटीए को वर्तमान स्वरूप में लागू किया जाता है, तो विदेशी कंपनियों के सस्ते कृषि और औद्योगिक उत्पाद भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर प्रवेश करेंगे। इससे भारतीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा और छोटे उद्योगों के अस्तित्व पर संकट आ जाएगा। किसानों के अनुसार, इसका सीधा असर रोजगार, आजीविका, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारत बचाओ मोर्चा ने सरकार से प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है। संगठन ने यह भी कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों, व्यापारी संगठनों, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। संगठन ने भारतीय कृषि, दुग्ध उत्पादन, पशुपालन, एमएसएमई और लघु उद्योगों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से सुरक्षित रखने के लिए ठोस नीतियां बनाने की भी मांग की। किसानों ने स्पष्ट किया कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक संप्रभुता से कोई समझौता स्वीकार्य नहीं होगा। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भारत बचाओ मोर्चा लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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बागपत में किसानों ने भारत-अमेरिका FTA का विरोध किया:समझौता रद्द करने की मांग को लेकर प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा