देश में ‘वन नेशन-वन इलेक्शन’ को जमीन पर उतारने की कवायद तेज हो गई है। इसका रोडमैप तैयार कर रही संसद की संयुक्त समिति (JPC) 13 जुलाई को लखनऊ पहुंच गई है। भाजपा सांसद पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाली यह 39 सदस्यीय समिति 15 जुलाई तक लखनऊ में रहेगी। तीन दिनो
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यह समिति उत्तर प्रदेश के अलग-अलग स्टेक होल्डर्स से मिलकर सलाह-मशविरा करेगी। पूरे देश में लोकसभा-विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के लिहाज से यह बेहद अहम माना जा रहा है। पूरी खबर पढ़िए…

ये तस्वीर चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट की है। संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 2 दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंच गई है।
JPC अब तक नौ राज्यों का दौरा कर चुकी है
समिति के सदस्य संजय सिंह ने बताया कि लखनऊ प्रवास के दौरान जेपीसी सरकारी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों, उद्योग जगत और अन्य संगठनों से मुलाकात करेगी। उत्तर प्रदेश से पहले यह समिति महाराष्ट्र, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और गोवा समेत कई राज्यों का दौरा कर चुकी है। इस कड़ी में लखनऊ JPC का 10वां बड़ा पड़ाव है।
3 दिनों का पूरा शेड्यूल: जानिए कब किससे होगी बात?
13 जुलाई (आज): बड़े अफसरों और कानूनी दिग्गजों से मंथन
आज JPC उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, डीजीपी (DGP) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के साथ बैठक करेगी। इसके अलावा वित्त, गृह, शिक्षा, पर्यटन, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और श्रम जैसे 8 प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा होगी।
प्रशासनिक मशीनरी के अलावा सीनियर एडवोकेट्स, बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन और औध बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से भी राय ली जाएगी। साथ ही नेशनल फर्टिलाइजर्स, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और एफसीआई (FCI) जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारियों से भी बातचीत प्रस्तावित है।

14 जुलाई (मंगलवार): नेता और कारोबारी संगठनों संग बैठक
दौरे के दूसरे दिन यानी 14 जुलाई को समिति राज्य के विधायकों, राजनीतिक कार्यकारिणी, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के प्रमुख नेताओं से मुलाकात करेगी। इसके बाद व्यापार और उद्योग जगत के बड़े संगठनों जैसे IIA (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों से चर्चा होगी। दिन के आखिरी हिस्से में समिति के सदस्य राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे।

15 जुलाई (बुधवार): यूनिवर्सिटीज के एक्सपर्ट्स और मीडिया से संवाद
दौरे के आखिरी दिन 15 जुलाई को शैक्षणिक जगत के दिग्गजों से राय ली जाएगी। इसमें लखनऊ विश्वविद्यालय, आईआईएम (IIM) लखनऊ, आईआईटी (IIT) कानपुर, बीएचयू (BHU), बीबीएयू (BBAU), आरएमएलएनएलयू (RMLNLU) और इलाहाबाद विश्वविद्यालय जैसे बड़े संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके बाद मीडिया से चर्चा के साथ यह तीन दिवसीय दौरा समाप्त होगा।
क्या है पूरा मामला और क्यों बनी समिति?
केंद्र सरकार ने दिसंबर 2024 में संसद में संविधान का 129वां संशोधन विधेयक और संघ राज्य क्षेत्र कानून संशोधन विधेयक पेश किया था। इन विधेयकों को बारीकी से जांचने और राज्यों की राय जानने के लिए जेपीसी (JPC) को सौंपा गया था। दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनी उच्च स्तरीय समिति (कोविंद कमेटी) की रिपोर्ट के आधार पर सरकार का लक्ष्य पूरे देश में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है, जिसके व्यावहारिक पहलुओं को टटोलने के लिए यह पूरी कवायद की जा रही है।

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वन नेशन, वन इलेक्शन को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) 2 दिवसीय दौरे पर लखनऊ पहुंच गई है। समिति विभिन्न हितधारकों, जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर चुनावी सुधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। रविवार की शाम को समिति के अध्यक्ष पी.पी. चौधरी ने कहा कि अब तक 9 राज्यों का दौरा किया जा चुका है और हर सुझाव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। पूरी खबर पढ़िए…