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बाराबंकी पुलिस ने फर्जी बैनामे के जरिए 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बदोसराय पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार भी बरामद की है। इस धोखाधड़ी का खुलासा शनिवार को 3:00 बजे पुलिस लाइन सभागार में आयोजित एक प्रेसवार्ता में किया गया। चंदवारा निवासी कृष्णावती पत्नी स्वर्गीय रामहरख ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने डेरेराजा निवासी बंशीलाल पुत्र संतराम की गाटा संख्या 487/1 भूमि का बैनामा कराया था। कृष्णावती ने आरोप लगाया कि असली बंशीलाल के स्थान पर एक फर्जी व्यक्ति को खड़ा कर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बैनामा किया गया। 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी की, जिसमें 15 लाख रुपये आरटीजीएस और 30 लाख रुपये नकद शामिल थे। इस संबंध में थाना बदोसराय में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सुनील कुमार वर्मा उर्फ सुशील (सफदरगंज), रविनन्दन द्विवेदी (टिकैतनगर), विनोद कुमार (सफदरगंज), राजकुमार (बहराइच), नन्दकिशोर (लखीमपुर खीरी) और बंशी (लखीमपुर खीरी) शामिल हैं। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने थाना टिकैतनगर क्षेत्र के ग्राम डेरेराजा में पीड़िता के पुत्र को 13 बीघा जमीन दिखाई थी। इसके बाद, आरोपी बंशी को असली बंशीलाल बताकर जमीन मालिक के रूप में पेश किया गया और 45 लाख रुपये में सौदा तय कराया गया। बाद में, तहसील सिरौलीगौसपुर में कृष्णावती के नाम फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का बैनामा करा दिया गया। इस धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता कृष्णावती और उनके पुत्र जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे। जांच के दौरान यह सामने आया कि जमीन का बैनामा असली मालिक की बजाय एक फर्जी व्यक्ति के माध्यम से कराया गया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया है। इस मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
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फर्जी बैनामे से 45 लाख की ठगी का खुलासा:पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया, स्विफ्ट कार बरामद