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वाराणसी में अपहरण कर किशोरी को 1 लाख रुपए में कानपुर में बेचने के पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। किशोरी के एक महीने तक दरिंदों के चंगुल में फंसने और शोषण की पीड़ा में पुलिस संवेदनहीन दिखी। हालांकि चौबेपुर पुलिस ने अंतरजनपदीय मानव तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला सहित कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस ने अपरहण और मानव तस्करी के आरोपियों को जबरन शादी की कहानी सुनाकर बचाने की कोशिश की। पीड़िता को दर्द देने वालों पर मेहरबान दिखी पुलिस फजीहत के बाद पूरी कहानी ही बदल दी। पीड़ित परिवार भी खामाेशी ओढ़े है।
वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र से 17 वर्षीय किशोरी का अपहरण कर उसे 1 लाख रुपये में बेच देने के सनसनीखेज मामले में थानेदारी की मिलीभगत और पुलिस की संवेदनहीनता की कलई खुली और जमकर फजीहत हुई। किशोरी विगत 6 जून 2026 की रात अचानक अपने घर से लापता हो गई थी। सुबह किशोरी घर पर नहीं मिली, तो परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की। कहीं पता न चलने पर परिजनों ने तत्काल इसकी लिखित सूचना संबंधित पुलिस चौकी को दी। परिजनों का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने इस गुमशुदगी को गंभीरता से नहीं लिया और मामले को पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया। परिजनों की चिंता उस समय खौफ में बदल गई जब बीते 3 जुलाई 2026 को पीड़िता ने एक गोपनीय मोबाइल नंबर से अपने परिवार को फोन किया। किशोरी ने फोन पर रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई कि क्षेत्र के ही रहने वाले दो युवक उसे जबरन घर से उठाकर ले गए थे। आरोपियों ने पहले उसे एक आरोपी के घर पर उसकी चाची की देखरेख में बंधक बनाकर रखा और बाद में तीनों ने मिलकर उसे कानपुर में एक लाख रुपए लेकर किसी को बेच दिया। पीड़िता ने बताया कि वह वर्तमान में वहीं पर बेहद दयनीय स्थिति में कैद है। इस खुलासे के बाद परिजनों ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई, जिनके कड़े निर्देश पर 5 जुलाई 2026 को चौबेपुर थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया। पुलिस टीम ने आरोपी शिवधनी, राहुल भारद्वाज और मैना देवी को दबोच लिया। इनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने लड़की को खरीदने और जबरन विवाह कराने के नेटवर्क से जुड़े मोहित (बुलंदशहर) और नेम सिंह (मथुरा) को भी गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों को बचाने की कोशिश, एसओ लाइन हाजिर पुलिस ने सभी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई कर न्यायालय में पेश कर सभी को जेल भेज दिया। मानव तस्करों को संरक्षण देने वालों ने उन्हें बचाने के लिए पूरे मामले को जबरन शादी का बताने की कोशिश की। उधर, पुलिस कमिश्नर ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए चौबेपुर थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
पुलिस के अनुसार, 5 जुलाई को वादी ने अपनी 17 वर्षीय भतीजी के अपहरण कर जबरन विवाह कराने का आरोप लगाते हुए चौबेपुर थाने में तहरीर दी थी। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक महेश मिश्रा समेत चौबेपुर थाने के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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वाराणसी से किशोरी का अपहरण करके बेचने में 5 गिरफ्तार:मानव तस्करी छिपाने को पुलिस ने सुनाई शादी की कहानी, 1 महीने दरिंदों के चंगुल में गुजारा