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महराजगंज में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की एक उच्चस्तरीय टीम ने ऐतिहासिक रामग्राम स्तूप का प्राथमिक सर्वे शनिवार को पूरा कर लिया है। इस सर्वे का उद्देश्य द्वितीय चरण के उत्खनन का खाका तैयार करना था। अधीक्षण सर्वेक्षक राजेंद्र कुमार यादव के नेतृत्व में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने स्थल का विस्तृत अवलोकन किया। टीम ने प्रथम चरण में हुई खुदाई वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया और आगे की रणनीति तैयार की। पुरातत्व विभाग की टीम ने द्वितीय चरण की खुदाई के लिए 50×50 मीटर के क्षेत्रफल को चिन्हित किया है। इस निर्धारित क्षेत्र में मुख्य टीले के साथ-साथ सतह पर स्थित छोटे टीले भी शामिल हैं। एएसआई के इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य उत्खनन स्थल की वर्तमान स्थिति का आकलन करना, खुदाई का सटीक क्षेत्र तय करना और उत्खनन की दिशा व प्रकार का निर्धारण करना था। निरीक्षण के दौरान अधीक्षण सर्वेक्षक ने टीम के सदस्यों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए। इस प्राथमिक सर्वे से पूर्व पुरातत्व विभाग की टीम ने जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल से शिष्टाचार मुलाकात की। टीम लीडर और अधीक्षण सर्वेक्षक राजेंद्र कुमार यादव ने जिलाधिकारी को प्रथम चरण के उत्खनन से प्राप्त महत्वपूर्ण नतीजों और ऐतिहासिक साक्ष्यों से अवगत कराया। उन्होंने दूसरे चरण की आगामी प्रक्रिया की रूपरेखा साझा करते हुए जिला प्रशासन से आवश्यक सहयोग का अनुरोध किया।
जिलाधिकारी ने एएसआई की टीम को हर संभव प्रशासनिक और स्थानीय सहयोग का पूरा भरोसा दिया और निर्देश दिया कि दूसरे चरण का उत्खनन कार्य जल्द से जल्द शुरू कराया जाए। अधीक्षण सर्वेक्षक ने जिलाधिकारी को आश्वस्त किया कि सर्दियों के आरंभ होते ही धरातल पर उत्खनन का कार्य विधिवत शुरू कर दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी को संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करने और एएसआई की टीम को सभी जरूरी सुविधाएं व सहयोग प्रदान करने का निर्देश दिया। सर्वे टीम में उप अधीक्षण पुरातत्व अभियंता दिलीप कुमार, सहायक अधीक्षण पुरातत्व अभियंता पंकज तिवारी, सहायक अभियंता अखिलेश तिवारी और सर्वेक्षक राम नरेश यादव शामिल रहे।
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