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कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की सतर्कता से गुजरात से अपहृत 13 वर्षीय किशोरी सकुशल बरामद हो गई। उसके पास से करीब चार लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवर और 30 हजार रुपये नकद भी मिले। आरपीएफ ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोरी को गुरुवार रात 9 बजे उसके पिता और गुजरात पुलिस को सौंप दिया। आरपीएफ को गुरुवार सुबह हेल्पलाइन के माध्यम से सूचना मिली थी कि ट्रेन संख्या 19201 के सामान्य कोच में एक संदिग्ध नाबालिग बच्ची यात्रा कर रही है। सूचना मिलते ही पोस्ट कानपुर सेंट्रल के दिवस अधिकारी उप निरीक्षक एस.के. कटियार के निर्देशन में एएसआई हरिशंकर त्रिपाठी और महिला प्रधान आरक्षक वंदना कटियार ने प्लेटफॉर्म नंबर-8 पर पहुंचकर ट्रेन की तलाशी ली। जांच के दौरान एक 13 वर्षीय किशोरी संदिग्ध अवस्था में मिली, जिसे तत्काल सुरक्षित रेस्क्यू कर आरपीएफ पोस्ट लाया गया। वहां ‘मेरी सहेली’ टीम की निगरानी में उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में किशोरी ने अपना पता भावनगर, गुजरात बताया। उसकी तलाशी लेने पर बैग से 30 हजार रुपये नकद, पीली धातु के दो मंगलसूत्र, एक सोने की चेन, नाक की कील और चांदी की एक जोड़ी पायल बरामद हुई, जिनकी कुल कीमत लगभग चार लाख रुपये आंकी गई। आरपीएफ ने बरामद सामान को सुरक्षित रखते हुए तत्काल भावनगर पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पता चला कि भावनगर थाने में किशोरी के अपहरण का मुकदमा दर्ज है। गुरुवार को भावनगर पुलिस के हेड कांस्टेबल करण सिंह मनुभाई, महिला कांस्टेबल रश्मिता बहन जयसुखलाल और बच्ची के पिता गुरुवार रात कानपुर सेंट्रल पहुंचे। आरपीएफ प्रभारी एसएन पाटीदार ने बताया कि, एफआईआर और अन्य दस्तावेजों के सत्यापन के बाद सभी विधिक औपचारिकताएं पूरी कर किशोरी को उसके पास से बरामद नकदी और जेवरात सहित गुजरात पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हेल्पलाइन से मिली त्वरित सूचना पर कार्रवाई के चलते अपहृत किशोरी को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों तक पहुंचाया जा सका।
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आरपीएफ ने 13 वर्षीय अपहृत किशोरी को बरामद किया:4 लाख के जेवर, 30 हजार नकद के साथ गुजरात पुलिस को सौंपा