फतेहपुर सीकरी पहाड़-झील संरक्षण केस की एनजीटी में सुनवाई:प्रदेश सरकार को दिए नोटिस, 22 सितंबर को होगी अगली सुनवाई


आगरा के फतेहपुर सीकरी में स्थित फतेहपुर सीकरी पहाड़ व सीकरी की झील के संरक्षण को लेकर एनजीटी में दायर वाद की सुनवाई हुई। एनजीटी की ओर से इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार व अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं।
वादी अजय प्रताप सिंह एडवोकेट ने बताया कि न्यायालय को बताया कि आगरा का फतेहपुर सीकरी में विंध्यांन पर्वत की दो समानांतर पहाड़ियां हैं, जिन्हें फतेहपुर सीकरी रेंज व बदौराली रेंज कहते है। इन दोनों पहाड़ियों के बीच एक ऐतिहासिक झील थी जिसमें खारी नदी से पानी आता था, झील को पूरी तरह नष्ट करके खेती की जा रही है और फतेहपुर सीकरी रेंज पर विश्व प्रसिद्ध फतेहपुर सीकरी किला है जिसपर आये दिन अवैध निर्माण होता है। अवैध निर्माण व झील नष्ट होने से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे लाल बलुआ पत्थर से बना फतेहपुर सीकरी किला पर काली परत जम रही है। सीकरी की झील ऐतिहासिक झील है अकबर,बाबर ने भी इसका उल्लेख किया है। वर्ष 1884 ई० की स्टेटिकल, डिस्क्रप्टिव एंड हिस्टोरिकल एकांउन्ट के वॉल्यूम 7 में सीकरी झील का उल्लेख है। वर्ष 1905 के आगरा गजेटियर में सीकरी झील व पहाड़ का उल्लेख है। गजेटियर रिकॉर्ड के अनुसार सीकरी झील लगभग 2 मील चौड़ी व 6 मील लंबी थी जोकि फतेहपुर सीकरी रेंज व बदरौली रेंज के बीच स्थित थी। खारी नदी को सीकरी चार हिस्सा, पत्सल, पाली किरवाली, मोहम्मदपुर गांव में पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। पहाड़,झील व नदी मिलकर एक विशेष पारिस्थितिकी तंत्र बनाते थे जिसे नष्ट कर दिया गया है जिससे वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के लिए बहुत नुकसानदायक है और ताज ट्रिपेजियम जोन के लिए नुकसानदायक है। इनको दिया गया नोटिस
केस में विपक्षी संख्या-1 मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार, विपक्षी संख्या 2- प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन विभाग उत्तर प्रदेश सरकार, विपक्षी संख्या- 3 प्रमुख सचिव, सिंचाई व जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, विपक्षी संख्या- 4 प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, विपक्षी संख्या-5 प्रमुख सचिव, ग्राम्य विकास विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, विपक्षी संख्या- 6 जिलाधिकारी आगरा, विपक्षी संख्या-7 अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, विपक्षी संख्या-8 क्षेत्रीय प्रबंधक आगरा , उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड है। केस की सुनवाई में एडवांस नोटिस पर विपक्षी संख्या 1 से 6 तक उत्तर प्रदेश सरकार के अधिवक्ता भंवरपाल सिंह जादौन उपस्थित रहे व न्यायालय से जबाब दाखिल करने हेतु समय मांगा। न्यायालय ने सभी विपक्षीगणों को नोटिस जारी करते हुए सुनवाई की अगली 22 सितंबर नियत की है।

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