TET अनिवार्यता से नाराज शिक्षकों को साधने का प्रयास:वाराणसी से CM ने दी 12 लाख शिक्षकों को सौंगात, टीचर्स बोले- अब इलाज में मिलेगी बड़ी राहत


कल बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मियों के लिए बड़ी सौगात दी है। एक करोड़ तक एक्सीडेंटल बीमा के साथ साथ मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ वाराणसी के TFC ऑडिटोरियम से किया। योगी ने प्रदेश भर के 12 लाख शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोईयों को इस योजना में शामिल किया। इस योजना के शुभारंभ होने पर शिक्षकों में खुशी भी है। दरअसल, कुछ महीने पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षकों को भी टीईटी की परीक्षा अनिवार्य करने के आदेश जारी किए थे। इससे शिक्षकों की नाराजगी सीधे सरकार के प्रति दिख रही थी। कई बार इसके खिलाफ शिक्षकों ने संगठनों ने धरना प्रदर्शन भी आयोजित किया था। 2 से 4 जुलाई तक हुई टीईटी की परीक्षा में बड़ी संख्या में शिक्षक परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे। कैशलेस चिकित्सा योजना की सौगात देकर 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले शिक्षकों को साधने का प्रयास भी किया गया है। शिक्षकों ने कहा- परिवार के लिए मिला सुरक्षा कवच हरहुआ विकासखंड के मुर्दहा पूर्व माध्यमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका संगीता पाठक ने कहा, मुख्यमंत्री ने यह हम शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात दी है। अभी तक परिवार में कोई बीमार हो जाता था तो बड़े अस्पताल में ले जाने के पहले बजट देखना पड़ता था लेकिन अब ऐसी स्थिति में यह योजना हम लोगों के लिए बड़ी राहत देने वाला होगा। चिरईगांव विकासखंड की ARP रश्मि शुक्ला ने कहा, जीवन में बहुत जरूरी है स्व्स्थ रहना और मुख्यमंत्री ने यह सौगात देकर हमारे परिवार को सुरक्षित किया है। शिक्षक बेहतर तरीके से स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने में सफल होंगे। प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पूनम देवी ने कहा, हम शिक्षक बहुत खुश हैं। स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के दौरान अब परेशान होने की जरूरत नहीं होगी। शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी राहत दी है। प्राथमिक विद्यालय दानयालपुर की सहायक अध्यापिका सोनू पांडेय ने कहा, हम शिक्षकों को इस योजना की बड़ी जरूरत है। शिक्षकों के साथ साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसाेइयों को इससे बड़ी राहत मिली है। बड़ागांव विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका सीमा सिंह ने कहा, हम शिक्षक और हमारा परिवार इस योजना से काफी राहत महसूस कर रहा है। किसी बीमारी में सबसे पहले रुपयों की जरूरत पड़ती है, अब ऐसी स्थिति बिना पैसों के तनाव के आसानी से इलाज मिल सकेगा। पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय चंदापुर, हरहुआ में तैनात सहायक अध्यापिका सुप्रिया सिंह व पद्मा मिश्रा ने कहा, हम लोग इसकी मांग काफी समय से कर रहे थे, अंतत: सरकार ने हम लोगों की मांगों को पूरी कर दिया है।

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