नई दिल्ली3 मिनट पहले
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प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) ने कहा है कि कई राज्यों में महिलाओं को मिलने वाली नकद सहायता योजनाओं की राशि की समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए। महंगाई बढ़ने और परिवारों के खर्च में बदलाव को देखते हुए जरूरत पड़ने पर सहायता राशि बढ़ाई जानी चाहिए।
ईएसी-पीएम ने अपनी रिपोर्ट में महाराष्ट्र की माझी लाडकी बहिन योजना और ओडिशा की सुभद्रा योजना का अध्ययन किया। रिपोर्ट में कहा गया कि इन योजनाओं से महिलाओं की बचत बढ़ी, घरेलू खर्च में मदद मिली और परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक महाराष्ट्र में पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपए, जबकि ओडिशा की सुभद्रा योजना के तहत महिलाओं को सालाना 10 हजार रुपए दो किस्तों में दिए जाते हैं।
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