पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में टूट के आसार बढ़ गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग की लड़ाई में नवजोत सिद्धू गुट की भी एंट्री हो गई है। सिद्धू के करीबी और पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पति पूर्व DGP मुहम्मद
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उन्होंने चन्नी की मीटिंग को लेकर भी हाईकमान पर सवाल उठाए कि नतीजे लेने में देरी की वजह से ऐसा हो रहा है। उन्होंने प्रधान पद के लिए संगठन चलाने की क्षमता व योग्यता को देखने की बात कही। उन्होंने मजबूत नेता को कमान सौंपने की बात कही। हालांकि अभी नवजोत सिद्धू ने औपचारिक तौर पर इस मामले में कुछ नहीं कहा है।
पूर्व CM चरणजीत चन्नी के शक्ति प्रदर्शन के बाद प्रधान राजा वड़िंग भी पावरगेम खेलने लगे हैं। चन्नी की भीड़ जुटाने के बदले राजा वड़िंग घर-घर जाकर नेताओं से मिल रहे हैं। उनसे बंद कमरे में मुलाकात कर वड़िंग समर्थन जुटा रहे हैं। राजा वड़िंग की कोशिश है कि जब चन्नी दावा करें कि उनके पास 50 से ज्यादा नेताओं का समर्थन है तो वड़िंग भी अपने आंकड़े हाईकमान के आगे रख सकें। चन्नी वड़िंग को ही प्रधान बनाए रखे जाने से नाराज हैं।

नवजोत सिद्धू ने पंजाब कांग्रेस प्रधान बनने पर पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा को अपना सलाहकार बनाया था। फोटो में सिद्धू के साथ मुस्तफा और मुस्तफा की पूर्व मंत्री पत्नी रजिया सुल्तान भी हैं।- फाइल फोटो
नेताओं से मिलकर फोटो जारी कर रहे वड़िंग पूर्व CM चन्नी की 3 जुलाई की मोरिंडा मीटिंग के बाद 4 जुलाई को राजा वड़िंग फील्ड में निकले। उन्होंने पूर्व सांसद शमशेर सिंह दूलो से मुलाकात की। दूलो को चन्नी विरोधी माना जाता है। दोनों के बीच बंद कमरे में 45 मिनट की बात हुई। इसके बाद वह सोनिया गांधी व राहुल गांधी के करीबी माने जाते पूर्व मंत्री राणा केपी सिंह से मिले। फिर वड़िंग ने पटियाला जिले से पूर्व MLA हरदयाल कंबोज, जसबीर सिहं गिल और लुधियाना में कुलदीप वैद से मुलाकात की। वड़िंग ने इन मीटिंग की फोटो भी जारी की।

नेताओं से मुलाकात के बाद राजा वड़िंग ने ये फोटो जारी कीं।
पूर्व मंत्री के पति ने हाईकमान को ओपन लेटर लिखा पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना के पति मुहम्मद मुस्तफा ने हाईकमान को ओपन लेटर लिखा। जिसे उन्होंने ‘कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के नाम एक खुला पत्र: निर्णायक नेतृत्व के लिए बिना मांगी गई सलाह और अपील’ बताया। इस लेटर में मुस्तफा ने मौजूदा स्थिति और उससे बाहर निकलने के लिए सुझाव दिए।

मुस्तफा के लेटर की अहम बातें:-
- पिछले 6 महीने राजनीतिक बेतुकेपन का उदाहरण: पूर्व DGP मुस्तफा ने लिखा- मैं यह एक चिंतित शुभचिंतक के रूप में लिख रहा हूं। मैं कांग्रेस का सदस्य नहीं हूं और न ही कभी रहा हूं, लेकिन मेरा पूरा परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय है। पंजाब कांग्रेस में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए पिछले छह महीने मुझे “राजनीतिक बेतुकेपन का पाठ्यपुस्तक जैसा उदाहरण” लगते हैं।
- पार्टी की ‘करें या न करें’ से ऐसे हालात: मुस्तफा ने लिखा- मोरिंडा में कल जो घटना यानी चन्नी की मीटिंग हुई, वह पार्टी की निर्णय लेने की प्रक्रिया में लंबे समय से चली आ रही “करें या न करें” वाली दुविधा का सीधा परिणाम हैं। पार्टी आज अपने ही बनाए गतिरोध में फंसी हुई है। इसकी वजह शीर्ष नेतृत्व का उन लोगों के प्रति जरूरत से ज्यादा नरम रवैया है, जो खुद को राहुल गांधी से भी बड़ा मानने लगे हैं।
- 2012 के बाद आए लोग शर्तें थोप रहे: मुस्तफा ने लिखा- 2012 के बाद पार्टी में आए कुछ लोग, जिन्हें संगठन ने सब कुछ दिया, आज वही पार्टी पर अपनी शर्तें थोपने की कोशिश कर रहे हैं। पंजाब की राजनीति में साहस और निर्णायक नेतृत्व को सम्मान मिलता है, जबकि हिचकिचाहट, असमंजस और टालमटोल को कमजोरी माना जाता है। यह समझना जरूरी है कि पंजाब में राहुल गांधी कांग्रेस से ऊपर नहीं हैं, बल्कि कांग्रेस राहुल गांधी के साथ खड़ी है।
- राजा वड़िंग को तुरंत पद छोड़ना चाहिए: मुस्तफा ने आगे के रास्ते के बारे में कहा- राजा वड़िंग ने अपनी अपरिपक्वता, अत्यधिक महत्वाकांक्षा और अपने मुख्य सलाहकार संदीप संधू की रणनीतियों के कारण प्रदेश नेतृत्व के बड़े हिस्से को खुद से दूर कर लिया है। अब उन्हें पार्टी द्वारा दिए गए सम्मान का जवाब देते हुए राहुल गांधी का हाथ मजबूत करना चाहिए, तुरंत पद छोड़ना चाहिए और आगे की कार्रवाई हाईकमान पर छोड़ देनी चाहिए।
- योग्यता के आधार पर फैसला लें, किसी को खुश करने के लिए नहीं: मुस्तफा ने कहा- नेतृत्व को दबाव में नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर फैसला लेना चाहिए। जिद नेतृत्व की पहचान नहीं होती, बल्कि समय रहते सही फैसला लेकर स्थिति सुधारना ही असली नेतृत्व है। यदि कांग्रेस नया प्रदेश अध्यक्ष (PPCC चीफ) नियुक्त करने का फैसला करती है, तो चयन केवल योग्यता के आधार पर होना चाहिए, किसी को समायोजित या खुश करने के लिए नहीं।
मुस्तफा के लेटर की कॉपी पढ़ें…

पूर्व आईपीएस अधिकारी मोहम्मद मुस्तफा द्वारा लिखे पत्र की कॉपी।
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पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे के बीच नए खुलासे सामने आए हैं। कांग्रेस हाईकमान पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला को प्रधान बनाने वाला था। चन्नी को कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाना था। खुद चन्नी भी इसके लिए राजी थे। इसकी वजह ये थी कि विजयइंदर सिंगला हिंदू नेता हैं और पंजाब सिख स्टेट होने के नाते पहले भी कांग्रेस सुनील जाखड़ को सीएम बनाने से इनकार कर चुकी है। ऐसी सूरत में चन्नी ही सबसे बड़े दावेदार होते। (पढ़ें पूरी खबर)