प्रयागराज में बिजली के तारों पर लोग सुखा रहे कपड़े:खुले बिजली उपकरण, ट्रांसफार्मर से बढ़ रहा खतरा; खेतों में जमीन पर बिछे तार


प्रयागराज में बारिश का मौसम जहां लोगों को गर्मी से राहत दे रहा है, वहीं दूसरी ओर बिजली से जुड़े हादसों का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। प्रयागराज में खुले पड़े बिजली के ट्रांसफार्मर, एक्सटेंशन बॉक्स, क्षतिग्रस्त बिजली उपकरण और लटकते तार लोगों की जान पर भारी पड़ रहे हैं। हाल के दिनों में करंट लगने से कई लोगों की मौत और घायल होने की घटनाओं ने बिजली व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताजा मामला फूलपुर क्षेत्र के गांव मवैया का है, जहां धान की नर्सरी की सिंचाई करने गए किसान संतोष सिंह की करंट लगने से मौत हो गई। बताया गया कि ट्यूबवेल के कमरे में करंट उतर आया था। किसान जैसे ही मोटर चलाने पहुंचे, वह करंट की चपेट में आ गए। परिजन उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसी तरह हाल ही में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हुई बारिश के बीच एक बिजली के खंभे में करंट उतर आने से 17 वर्षीय हमज़ा नामक युवक की मौत हो गई थी। इस घटना ने बारिश के दौरान बिजली के खंभों और खुले विद्युत उपकरणों से पैदा होने वाले खतरे को एक बार फिर उजागर कर दिया। इसके अलावा बीते कुछ महीनों में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में करंट से कई अन्य हादसे भी सामने आए हैं। एक मामले में 12वीं के छात्र की बिजली के पोल के संपर्क में आने से मौत हो गई, जबकि एक निजी अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी की भी करंट लगने से जान चली गई। वहीं हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने और अन्य विद्युत हादसों में भी कई लोगों की मौत हो चुकी है। शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे लगे बिजली के एक्सटेंशन बॉक्स खुले पड़े हैं। कई जगह इनके दरवाजे टूटे हुए हैं और अंदर के तार खुले दिखाई देते हैं। स्कूलों, बाजारों और रिहायशी इलाकों के पास भी ऐसे बिजली बॉक्स लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग की ओर से समय रहते मरम्मत नहीं कराई जाती। ग्रामीण इलाकों की बात की जाए तो गंगा नगर के झूंसी थाना क्षेत्र में बदरा सुनौटी में तो यह हाल है कि खंबे से उतरे तार पर लोग कपड़े तक सुखा रहे है। यही नहीं बिजली विभाग ने लापरवाही के साथ जमीन और खेतों और फेसिंग तक के ऊपर से तार ले गए है। जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन विभाग अपनी आंखें बंद कर बैठा हुआ है।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान बिजली के खंभों, ट्रांसफार्मरों, खुले बिजली बॉक्स और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। किसी भी बिजली उपकरण में करंट आने की आशंका होने पर तुरंत बिजली विभाग को सूचना दें और उसे छूने का प्रयास न करें।

बारिश के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। ऐसे में आम लोगों को सतर्क रहने के साथ-साथ बिजली विभाग को भी खुले और क्षतिग्रस्त बिजली उपकरणों की तत्काल मरम्मत कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करनी होगी, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *