स्कूली वाहनों की सुरक्षा के लिए 'मिशन सेफ फ्यूचर' अभियान:बिना फिटनेस-परमिट वाले वाहनों पर होगी कार्रवाई, 15 जुलाई तक चलेगा अभियान


उन्नाव में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत स्कूली वाहनों की फिटनेस, परमिट और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की जाएगी। यह अभियान बुधवार से 15 जुलाई तक चलेगा, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित यात्रा प्रदान करना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। लखनऊ के आरटीओ प्रवर्तन प्रभात पाण्डेय ने बताया कि स्कूली वाहनों की फिटनेस और परमिट को अपडेट कराने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बच्चों को देश का भविष्य मानते हुए उनकी सुरक्षा के लिए इस पहल को ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ नाम दिया गया है। पाण्डेय ने यह भी बताया कि अप्रैल और मई माह में भी सभी जिलों में स्कूली वाहनों को लेकर इसी तरह का अभियान चलाया गया था। जून में स्कूलों की छुट्टियां होने के कारण इसे रोक दिया गया था, लेकिन अब 1 जुलाई से स्कूल खुलने के बाद अभियान को दोबारा शुरू किया गया है। आरटीओ के अनुसार, अभियान को दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में, 1 जुलाई से 7 जुलाई तक उन विद्यालयों से संपर्क किया जाएगा जिनके वाहनों के परमिट या फिटनेस समाप्त हो चुके हैं। ऐसे स्कूलों को नोटिस जारी कर और फोन के माध्यम से जानकारी देकर आवश्यक दस्तावेज पूरे कराने के लिए कहा जाएगा। दूसरे चरण में, 8 जुलाई से 15 जुलाई तक एक संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। इसमें परिवहन विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग की टीमें मिलकर कार्रवाई करेंगी। यदि इस अवधि में कोई वाहन बिना फिटनेस या परमिट के सड़क पर चलता पाया गया, तो उसे जब्त कर चालान किया जाएगा। साथ ही, संबंधित स्कूलों के खिलाफ शिक्षा विभाग के माध्यम से मान्यता रद्द करने की सिफारिश भी की जा सकती है। प्रभात पाण्डेय ने यह भी बताया कि कई निजी वाहन बिना अनुमति के स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने का काम करते हैं। ऐसे अनाधिकृत वाहनों के खिलाफ प्रवर्तन दल लगातार अभियान चलाएंगे। तो उसे निर्धारित मानकों को पूरा करना होगा और परमिट व फिटनेस के साथ ही संचालन करना होगा। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान केवल दस्तावेजों की जांच ही नहीं की जाएगी, बल्कि वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वालों पर भी कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग भी हादसों का बड़ा कारण बन सकती है। परिवहन विभाग का पहला उद्देश्य वाहनों को सुरक्षित और मानकों के अनुरूप करना है। इसके बाद क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने, सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने और अन्य लापरवाहियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्कूल प्रबंधन और वाहन संचालकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है।

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