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हरदोई में 30 जून की मध्यरात्रि लगभग 1 बजे कांग्रेस नेताओं को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में अयोध्या राममंदिर दर्शन-पूजन के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले की गई। कांग्रेस नेताओं ने इस पर उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। युवा कांग्रेस हरदोई के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह ने एक बयान में बताया कि अयोध्या के लिए रवाना होने से पहले पुलिस प्रशासन ने उन्हें बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उनके आवास पर ही रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष विक्रम पांडे, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम दीक्षित और एनएसयूआई अध्यक्ष हसन अहमद को भी नजरबंद किया गया है। मोहन सिंह के अनुसार, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में एक कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम निर्धारित था। उन्होंने सवाल किया कि सरकार किस बात से भयभीत है कि श्रद्धालुओं और राजनीतिक दल के नेताओं को दर्शन के लिए जाने से रोका जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रभु श्रीराम किसी एक राजनीतिक दल के नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था, संस्कृति और मर्यादा के प्रतीक हैं। उनके मुताबिक, श्रद्धालुओं को अयोध्या जाकर दर्शन-पूजन करने से रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना के विपरीत है। युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है कि उन्हें और अन्य नजरबंद कांग्रेस नेताओं को तत्काल रिहा किया जाए। उनका उद्देश्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में प्रस्तावित कार्यक्रम में शामिल होकर अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन करना है। इस मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कांग्रेस नेताओं के इन आरोपों के बाद यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। प्रशासन की प्रतिक्रिया आने के बाद ही नेताओं को रोकने के पीछे के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
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अयोध्या दर्शन से पहले हरदोई में कांग्रेस नेता नजरबंद:युवा कांग्रेस ने सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया