कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस का डीजे संचालकों पर शिकंजा:अफसर बोले- उत्तेजक, भड़काऊ, आपत्तिजनक उद्घोष पूरी तरह प्रतिबंधित, ऐसा करने पर होगी कार्रवाई


डीजे के बिना कांवड़ यात्रा अधूरी मानी जाती है। राजनीतिक दल इसका समर्थन करते रहे हैं। लेकिन कई बार डीजे के कारण कांवड़ यात्रा में व्यवधान भी पैदा हुआ है। हद से ज्यादा ऊंचाई व चौड़ाई होने की वजह से हादसे हुए हैं और शिवभक्त कांवड़ियों को जान भी गवानी पड़ी है। ऐसे हालात ना पैदा हो, इसको देखते हुए इस बार प्रशासन पहले से अलर्ट है और मजबूत व्यवस्था बनाने में जुट गया है। इसके लिए शुरुआत डीजे संचालकों से की गई है। कांवड़ यात्रा में डीजे के कारण फैलने वाली अव्यवस्था पर प्रशासन सख्त है। यात्रा शुरु हो, उससे पहले ही पुलिस और प्रशासनिक अफसर ऐसी व्यवस्था बनाने में जुट गए हैं ताकि यात्रा के दौरान कोई ज्यादा मशक्कत ना करनी पड़े। सोमवार को प्रशासन ने 250 डीजे संचालकों के साथ बैठक करते हुए साफ कर दिया कि निर्धारित मानकों के विपरीत चलने वाले को कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। किसी तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे में डीजे संचालकों ने पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है। हालांकि दबी जुबां में पुलिस की सख्ती का कुछ लोग विरोध करते भी दिखाई दिए। डीजे की ऊंचाई व चौड़ाई निर्धारित
पुलिस लाइन के बहुउद्देश्यीय सभागार में डीजे संचालकों को संबोधित करते हुए एडीएम सिटी बृजेश कुमार सिंह ने कहा कि शासन की तरफ से डीजे की ऊंचाई व चौड़ाई निर्धारित कर दी गई है। यह सड़कों के अनुरूप है। इसके अनुसार डीजे की अधिकतम ऊंचाई 12 फीट व चौड़ाई 10 फीट ही रहेगी। इससे ज्यादा पर कार्रवाई होगी। कांवड़ यात्रा में बनी रहे धार्मिक मर्यादा
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने कहा कि अकसर यह देखने में आता है कि कुछ डीजे संचालक कांवड़ यात्रा की आड़ लेकर माहौल गर्म करने का प्रयास करते हैं। इसके लिए उत्तेजक गीत, भड़काऊ व आपत्तिजनक उद्घोष किए जाते हैं। इन सभी चीजों से बचना होगा। अगर जरा भी माहौल खराब होने की संभावना पैदा होती है तो पुलिस सख्ती से निपटेगी। रास्ते में अवरोध ना करें पैदा
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने कहा कि डीजे कांवड़ के कारण कई बार रास्तों में अवरोध पैदा हो जाता है। बेहतर होगा कि इसे अभी से समझ लिया जाए कि डीजे के कारण रुकावट पैदा ना हो। अगर ऐसा पाया जाता है तो संबंधित डीजे संचालक को जिम्मेदार मानकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी नाकि उसे बुक करने वाले कांवड़ियों के खिलाफ। सुझाव व समस्याएं भी सुनीं
तीनों अफसरों ने इस दौरान डीजे संचालकों से सुझाव भी प्राप्त किए। कई डीजे संचालकों के सुझावों पर विचार करने का भरोसा दिलाया गया। डीजे संचालकों ने पाबंदी के कारण कारोबार के सामने आ रहीं तमाम दिक्कतों का भी जिक्र किया लेकिन अफसरों ने नियमों का हवाला देकर उनकी इस ओर किसी भी तरह की मदद या ढिलाई बरतने से इंकार कर दिया।

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